डेहलों रोड पर कथित रूप से अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने के लिए 10 से 15 पेड़ों को रातों-रात काटे जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पर्यावरण प्रेमी कमलदीप सिंह ने वन विभाग को शिकायत दी, लेकिन अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई की जानकारी न मिलने पर उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। गिल गांव निवासी कवलदीप सिंह ने बताया कि जब वह डेहलों रोड से गुजर रहे थे तो उन्होंने एक प्लॉट के सामने लगे कई हरे-भरे पेड़ों को कटा हुआ पाया। उन्होंने कहा कि कॉलोनी का फ्रंट साफ करने के लिए पेड़ों की बलि चढ़ा दी गई, जिसे देखकर उन्हें गहरा दुख पहुंचा। इसके बाद उन्होंने तुरंत वन विभाग को लिखित शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कवलदीप सिंह का आरोप है कि शिकायत दिए जाने के बावजूद वन विभाग की ओर से अब तक यह नहीं बताया गया कि कितने पेड़ काटे गए और आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। विभाग द्वारा न तो डेहलों थाने में कोई शिकायत दर्ज करवाई गई और न ही मामले में जांच की स्थिति से उन्हें अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि वह दो बार वन विभाग के अधिकारियों को शिकायत और लिखित अपील दे चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। विभाग की ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने से उन्हें निराशा हो रही है। कार्रवाई में देरी से नाराज कवलदीप सिंह ने अब इस मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग और पंजाब के मुख्यमंत्री को भी भेज दी है। उन्होंने मांग की है कि अवैध रूप से पेड़ काटने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।


