डॉलर खत्म हो जाएगा, सोना उसकी जगह लेगा:2008 मंदी की भविष्यवाणी करने वाले इकोनॉमिस्ट बोले- बड़ा संकट आने वाला है

मशहूर अमेरिकी इकोनॉमिस्ट पीटर शिफ ने बड़े आर्थिक संकट की चेतावनी दी है। शिफ का मानना है कि हम एक ऐसे आर्थिक संकट की तरफ बढ़ रहे हैं, जिसके सामने 2008 की मंदी बच्चों के खेल जैसी लगेगी। डॉलर धराशायी होने वाला है और इसकी जगह सोना ले लेगा। पीटर शिफ के मुताबिक दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अब डॉलर पर निर्भरता कम कर रहे हैं। वे सोने का रिजर्व बढ़ा रहे हैं, जो वैश्विक मौद्रिक प्रणाली में बड़े बदलाव का संकेत है। शिफ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ग्लोबल मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव है। 2008 से अलग होगा संकट, अमेरिका पर केंद्रित रहेगा शिफ ने कहा- आने वाला संकट 2008 से बिल्कुल अलग होगा। पिछला संकट पूरी दुनिया में फैल गया था, लेकिन अगला बड़ा वित्तीय झटका मुख्य रूप से अमेरिका के भीतर ही केंद्रित रहेगा। 2008 संकट अमेरिका के हाउसिंग मार्केट के गिरने से शुरू हुआ था, जब बड़ी संख्या में लोगों ने होम लोन चुकाना बंद कर दिए थे। इसने पूरी दुनिया की बैंकिंग प्रणाली को हिला दिया और 1930 की महामंदी के बाद का यह सबसे बड़ा वैश्विक आर्थिक संकट बन गया। सरकारी आंकड़े सही नहीं, असली तस्वीर सोना दिखा रहा पीटर शिफ ने उन दावों को भी खारिज कर दिया जिनमें अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बहुत मजबूत बताया जा रहा है। शिफ ने कहा कि दुर्भाग्य से ये आंकड़े सही नहीं हैं। ये बहुत ज्यादा घुमावदार हैं और इनमें सुधार किया जाएगा। इन पर महंगाई का बहुत असर है। आने वाले कुछ सालों में महंगाई, बाइडन के समय से भी ज्यादा खतरनाक होने वाली है। शिफ ने कहा कि सोने की बढ़ती कीमतें उस बड़े संकट की चेतावनी दे रहे हैं जो या तो इस साल के आखिर में या अगले साल आने वाला है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं। वे डॉलर से छुटकारा पा रहे हैं। वे अमेरिकी ट्रेजरी (सरकारी बॉन्ड) बेच रहे हैं। दुनिया की अर्थव्यवस्था हमारे कारण नहीं चलती शिफ ने कहा कि हम दुनिया पर निर्भर हैं। वे हमें वो सामान देते हैं जो हम नहीं बनाते। ट्रम्प इसे उल्टा समझ रहे हैं। दुनिया की अर्थव्यवस्था हमारे कारण नहीं चलती, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था दुनिया के कारण चलती है। हमारी क्रेडिट आधारित इकोनॉमी खराब हो चुकी है जो डॉलर के ‘रिजर्व करेंसी’ स्टेटस पर टिकी है। डॉलर धराशायी हो जाएगा और इसकी जगह सोना ले लेगा। लोग बेवजह डर फैला रहे, विदेशी निवेश रिकॉर्ड स्तर पर हालांकि व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने अमेरिकी इकोनॉमिस्ट के दावे के उलट बताया कि अमेरिकी ट्रेजरी की विदेशी होल्डिंग्स हाल ही में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। बिजनेस लीडर्स अमेरिका में निवेश करने और नौकरियां देने के लिए लाखों-करोड़ों रुपए लगा रहे हैं। जब से राष्ट्रपति ट्रम्प ने पद संभाला है, घबराहट फैलाने वाले लोग ऐसी भविष्यवाणी कर रहे हैं। अमेरिकियों ने देखा है कि महंगाई कम हुई है और जीडीपी ग्रोथ तेज हुई है।” 2008 की भविष्यवाणी के लिए मशहूर हैं पीटर शिफ पीटर शिफ अमेरिका के जाने-माने इकोनॉमिस्ट और यूरो पैसिफिक एसेट मैनेजमेंट के संस्थापक हैं। उन्हें 2008 के अमेरिकी हाउसिंग बबल और वित्तीय संकट की सटीक भविष्यवाणी करने के लिए जाना जाता है। शिफ हमेशा निवेश के सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने और कीमती धातुओं की वकालत करते रहे हैं।

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