अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर चिन्मय पांड्या उदयपुर में आयोजित होने वाले युवा महोत्सव में भाग लेने के लिए जाते समय कुछ देर के लिए सिरोही में रुके। स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ के ट्रस्ट मंडल के सदस्यों और गायत्री परिवार ने सिरोही के निकटवर्ती गांव गोयली के खेतलाजी मंदिर के बाहर उनका भव्य स्वागत किया। गायत्री परिवार के सदस्यों ने गायत्री मंत्रोचार के साथ डॉ. चिन्मय पांड्या का साफा, माल्यार्पण और पुष्प वर्षा कर गायत्री माता की तस्वीर भेंटकर अभिनंदन किया। इस मौके पर गायत्री शक्तिपीठ सिरोही के मुख्य ट्रस्टी रमेश गोमतीवाल ने जिले में आने वाली अखंड दीपज्योति कलश रथ यात्रा की तैयारी के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। गायत्री शक्तिपीठ के मीडिया प्रमुख और ट्रस्टी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि इस मौके पर डॉ. पंड्या ने उपस्थित परिजनों से आत्मीय संवाद किया। डॉ. पंड्या ने कहा कि गायत्री परिवार के जन-जन देव आत्मा और पवित्र आत्मा है। एक-एक परिजन देव कार्य में जुट कर परमात्मा के कार्यों में लगकर नल-नील की तरह अपने को धन्य करे। उन्होंने कहा कि हर घर में देव स्थापना हो, घर घर में यज्ञ हो, इसका सभी कार्यकर्ता प्रयास करें। इस मौके पर मुख्य प्रबंध दृष्टि रमेश गोमतीवाल, वरिष्ठ कार्यकर्ता भगवान दास प्रजापत, उप प्रबंध ट्रस्टी हरीश खंडेलवाल, शैतान सिंह डाबी, नरेंद्र शर्मा, हेमंत खत्री, हितेश खंडेलवाल, गोविंद खंडेलवाल, रतनलाल पुरोहित, डॉ. गायत्री प्रसाद गर्ग, रंजन बहन, इंदिरा खत्री, शुचिता लता चंद्र किरण, उर्मिला खंडेलवाल, मनीषा दिओल, पूजा खत्री, धारावी खंडेलवाल, भंवरलाल सोनी, लक्ष्मीनारायण गर्ग, रुद्राक्ष, फतेहचंद खंडेलवाल सहित कई लोग मौजूद रहे।


