बुरहानपुर में मंगलवार दोपहर डॉ. दर्पण टोके ने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन का कार्यभार मंगलवार को संभाल लिया। इस अवसर पर उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने को अपनी पहली प्राथमिकता बताया। डॉ. टोके ने कहा कि उनकी प्राथमिकता आईसीयू को जल्द से जल्द चालू कराना और ओपीडी की व्यवस्थाओं में सुधार लाना है। यह नियुक्ति तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप कुमार मोसेस के निलंबन के बाद हुई है। लोकायुक्त ने डॉ. मोसेस को निलंबित करने की मांग करते हुए एक पत्र लिखा था, जिसके बाद आयुक्त संचालनालय लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा ने उन्हें निलंबित कर दिया था। कलेक्टर हर्ष सिंह ने डॉ. दर्पण टोके को जिला अस्पताल का सिविल सर्जन का प्रभार सौंपने का आदेश एक दिन पहले ही जारी किया था। डॉ. मोसेस के स्थान पर अब डॉ. टोके यह जिम्मेदारी संभालेंगे। डॉ. मोसेस पर 2022 में नर्मदापुरम में सीएमएचओ रहते हुए 2,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने कार्रवाई की थी। साथ ही किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करने से पहले उसका निलंबित होना आवश्यक होता है। इसी कारण पिछले दिनों लोकायुक्त एसपी ने प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर डॉ. मोसेस को निलंबित करने का अनुरोध किया था। निलंबन के बाद अब डॉ. मोसेस के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चलेगा।


