जबलपुर की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के निधन के बाद उनके 60 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्ति पर विवाद बढ़ गया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जमीन नगर निगम की पाई गई, कुछ हिस्सों को गिफ्ट और कुछ दान किया गया था। प्रशासन एसडीएम संदीप जायसवाल और एसपी अनिल शर्मा की निगरानी में मामले की जांच कर रहा है। दरअसल, डॉ. हेमलता का निधन रविवार शाम को हुआ। वे करीब एक माह पहले अस्पताल में भर्ती हुई थीं और तबीयत में सुधार के बाद अचानक बिगड़ गई थी। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। बहन शांति मिश्रा और गायत्री परिवार के एक सदस्य ने मुखाग्नि दी। पति और बेटे का निधन पहले ही हो चुका था। संपत्ति हड़पने के आरोप में डॉ. सुमित जैन, पत्नी प्राची जैन, उनकी बहन व जीजा पर मामला दर्ज है। संपत्ति को लेकर किसके क्या दावे? कलेक्टर ने दिए साजिश की जांच के आदेश
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने निर्देश दिए कि डॉ. हेमलता की प्रॉपर्टी हथियाने की साजिश की जांच की जाए और वैधानिक कार्रवाई हो। एसडीएम संदीप जायसवाल ने जांच शुरू की और एसपी अनिल शर्मा को रिपोर्ट भेजी। नगर निगम को भी सूचित किया गया। लीज शर्तों का उल्लंघन पाया गया, पट्टा निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है। वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत विस्तृत जांच की जा रही है। कलेक्टर बोले- गिफ्ट किए हिस्सों की वैधता की जांच कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि डॉ. श्रीवास्तव द्वारा गिफ्ट किए गए हिस्सों की वैधता की जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उन्हें ऐसा करने का अधिकार था या नहीं। एसडीएम के सामने डॉ. श्रीवास्तव ने कथित तौर पर गिफ्ट डीड को निरस्त करने का अनुरोध भी किया था, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई जारी है। बयान में फर्जीवाड़े का जिक्र किया था
डॉ. हेमलता की 60 करोड़ रुपए मूल्य की 11 हजार वर्गफीट संपत्ति के विवाद के बीच जनवरी में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन ने उनका रेस्क्यू कर उन्हें मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया था। स्वस्थ होने पर उन्होंने बयान में कहा था कि गलत जानकारी देकर दान-पत्र लिखवाकर रजिस्टर्ड कराया गया। मामले में डॉक्टर दंपती, रजिस्ट्रार व अन्य की भूमिका की जांच जारी है। इस पूरे मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। IMA का कहना है कि सीनियर लेडी डॉक्टर को संपत्ति के लिए प्रताड़ित किया गया और उनकी शारीरिक व मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद रजिस्ट्री और दान-पत्र लिखवाए गए। 12 जनवरी को जन्मदिन पर केक काटा
हेमलता श्रीवास्तव का 12 जनवरी को 81वां जन्मदिन था, जिसका एक वीडियो भी सामने आया था। डॉ. सुमित जैन और उनकी पत्नी प्राची जैन के साथ हेमलता श्रीवास्तव का केक कटवा रहे हैं। आरोप है कि 13 जनवरी तक स्वस्थ रहने वाली हेमलता की अचानक 14 जनवरी को कैसे तबीयत बिगड़ी। उन्हें घर के सामने स्थित मुखर्जी अस्पताल में भर्ती कराया, तभी से उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनके हाथ में अल्सर हो गया। सुमित जैन ने बताया कि तरुण बहरानी वहां पर मौजूद थे। अस्पताल प्रबंधन की मदद से ना जाने क्या दवा दी गई कि हेमलता श्रीवास्तव की हालत इतनी बिगड़ गई। सुमित जैन का कहना है कि जिस वीडियो को मेडिकल कॉलेज का बताया जा रहा है, वो असल में मुखर्जी अस्पताल का है। सुमित जैन का दावा- अपनी मर्जी से किया था दान
डॉ. सुमित जैन का दावा है कि हेमलता श्रीवास्तव ने पूरे होश में घर के बगल की करीब 11 हजार स्क्वॉयर फीट जमीन रजिस्टर्ड दान की थी। उनकी इच्छा थी कि ससुर बीएल श्रीवास्तव और बेटे रचित श्रीवास्तव के नाम से मेमोरियल अस्पताल बने और हम वहीं बनवा भी रहे हैं। उन्होंने बताया कि रचित श्रीवास्तव ने साथ में पढ़ाई की थी। हम दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी। हमेशा उनके यहां आना-जाना होता था। हम लगातार उनका ध्यान भी रख रहे थे। वे हमारी मां के समान हैं। यही वजह है कि जब भी कहीं उनका जाना होता था, वह हमसे ही बोलती थीं। पहले बेटे की मौत, तीन साल बाद पति भी गुजरे
डॉ. हेमलता श्रीवास्तव जबलपुर की सीनियर नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। उनके बेटे रचित भी डॉक्टर थे। उनकी 2022 में साइलेंट अटैक से मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद पति-पत्नी घर में रह रहे थे। इसी बीच दिसंबर 2025 में पति की भी मौत हो गई। जबलपुर के सबसे पॉश इलाके राइट टाउन में अपनी कीमती प्रॉपर्टी में रहने वाली डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव अकेली पड़ गईं। 9 नवंबर 2025 को उन्होंने जबलपुर में मेडिकल एजुकेशन से जुड़ी एक कॉन्फ्रेंस अटेंड की थी, तब वे पूरी तरह से स्वस्थ थीं। 26 जनवरी को उनकी जूनियर और आईएमए जबलपुर की प्रेसिडेंट डॉक्टर रिचा शर्मा को जानकारी मिली कि डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव की हालत जिंदा लाश जैसी हो गई है। बहन ने लिखा लेटर- घर पर मरना चाहती हैं 15 जनवरी को गायत्री परिवार ट्रस्ट से जुड़े लोग उन्हें कार में बैठाकर कहीं ले जा रहे थे। पड़ोसियों ने जब उन्हें रोका तो उनसे हुज्जत की गई, लेकिन पुलिस में शिकायत होने पर रात में उन्हें घर छोड़ दिया गया। गंभीर हालत में भी उनकी बहन ने उन्हें यह कहते हुए हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करवा लिया था कि अब वो अपने घर पर ही शांति से मौत को अपना लेंगी। कलेक्टर के निर्देश पर मेडिकल में कराया था भर्ती डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करने की कोशिश की गई थी। आईएमए की शिकायत पर जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने इलाज के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। इसके साथ ही 5 डॉक्टर्स की टीम की निगरानी में डॉ. हेमलता का इलाज कराने के निर्देश दिए थे। भाजपा नेता बोले- कुछ लोगों ने संपत्ति हड़पी
भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. अश्विनी कुमार त्रिवेदी ने कहा- डॉ. हेमलता से मेरे पारिवारिक संबंध थे। उनके साथ अन्याय हुआ है। कुछ लोगों ने उनकी संपत्ति हड़प ली है। इस संबंध में भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ की ओर से कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है, ताकि संपत्ति को सरकार या नगर निगम के संरक्षण में रखा जा सके। ……………………………. यह खबर भी पढ़ें जबलपुर में रिटायर्ड महिला डॉक्टर को जबरन ले गए लोग जबलपुर जिला अस्पताल में पदस्थ रह चुकी वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव को कुछ अज्ञात लोग जबरन अपनी कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। मामला सामने आते ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने गंभीर चिंता जताते हुए कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर मदन महल थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर


