डोंगरगढ़ के वार्ड नंबर 1 स्थित मुक्तिधाम की स्थिति खराब हो गई है। नगर पालिका की लापरवाही से यह स्थल कचरा डंपिंग जोन में बदल चुका है। यहां मेडिकल वेस्ट समेत शहर का कचरा डाला जा रहा है। मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों को दुर्गंध और गंदगी के बीच खड़े होना पड़ता है। बाउंड्रीवॉल नहीं होने से जानवर अधजली लकड़ियों और शव के अवशेषों से छेड़छाड़ करते हैं। इसके अलावा अतिक्रमणकारी भी श्मशान भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। संक्रमण और बीमारियों का खतरा स्थिति की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि मुक्तिधाम के पास विकासखंड शिक्षा विभाग का कार्यालय, कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल और घनी आबादी वाली बस्तियां हैं। यहां के निवासी संक्रमण और बीमारियों के खतरे में जी रहे हैं। श्मशान में कचरे का ढेर नगर पालिका ने सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारी नियुक्त किए हैं। लेकिन काम सिर्फ कागजों तक सीमित है। श्मशान की पवित्रता बनाए रखने के बजाय यह कचरे का ढेर बन गया है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। वार्ड नंबर 01 की हालत ऐसी क्यों? डोंगरगढ़ में जहां अन्य मुक्तिधाम व्यवस्थित और साफ-सुथरे हैं, वहीं वार्ड नंबर 01 और 3 में साफ सफाई नहीं होती जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद प्रशासन केवल आश्वासन देता है, काम के नाम पर जमीनी हकीकत शून्य है। जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग क्षेत्रवासियों की मांग है कि कन्या शाला स्कूल के पास स्थित इस मुक्तिधाम की तत्काल सफाई कराई जाए, कचरा डंपिंग पर रोक लगे और चिता स्थल एवं विश्राम भवन का मरम्मत कार्य शुरू हो। वहीं दूसरी ओर इस मामले के सामने आने के बाद जिम्मेदारों का कहना है कि जल्दी जांच करवा कर कार्रवाई करेंगे।


