विधानसभा में राजस्थान डिस्टर्ब एरिया बिल-2026 बिल पर बहस में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- सरकार धार्मिक उन्माद फैलाकर ऐसे बिल लाकर बहुसंख्यक वोटों को अपनी तरफ करके गुजरात का मॉडल यहां पर अपनाने जा रही है। जमीन जायदाद पर सरकार की नजर है, इससे बड़ा दुर्भाग्य नहीं हो सकता। संपत्ति खरीद बेचने के अधिकार संविधान से हमें मिले हैं। इस पर सरकार का नियंत्रण करना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए शांत क्षेत्र को अशांत करने का षड्यंत्र है। डोटासरा ने कहा- डिस्टर्ब एरिया कौन सा होगा, समुदाय विशेष कौन सा होगा ,जिससे डिस्टर्ब करना चाहते हो? 2028 में कांग्रेस सत्ता में आएगी, हम इस बिल को वापस खत्म करेंगे। राजस्थान में यह परंपरा है, अगली बार हम आएंगे। राजस्थान में आपकी सरकार है फिर भी ऐसा बिल लाकर राजस्थान को क्यों जलाना चाह रहे हो। डोटासरा ने कहा- इस बिल के जरिए आप समुदाय विशेष को इंगित करना चाहते हैं, आपकी मंशा क्या है? कानून में मंशा स्पष्ट करनी पड़ेगी जो नहीं की गई है। इस बिल की धारा 5 में जिस तरह के प्रावधान है, उससे भ्रष्टाचार के दरवाजे खुल जाएंगे। कोर्ट में भी नहीं जा सकेंगे। डोटासरा ने कहा- इस बिल से शांत क्षेत्र को डिस्टर्ब करना चाहते हैं। गुजरात से पर्ची आई दिल्ली होते हुए और बिल ले आए। हमारे संवैधानिक अधिकारों को चुनौती दी जा रही है, डबल इंजन की सरकार कॉन्स्टिट्यूशन अधिकारों को खत्म करने की कोशिश कर रही है। गंगा जमुना तहजीब से रहते हैं, यहां पर उस पर दाग लग जाएगा। घोटाले के आरोपी अधिकारी को सस्पेंड करने की घोषणा इससे पहले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने विधानसभा में कहा कि कांग्रेस राज के दौरान नागौर जिले के डेगाना विधानसभा क्षेत्र में विधायक कोष से स्कूलों के लिए दरी पट्टी खरीदने में हुई गड़बड़ी की जांच होगी। जांच से पहले डेगाना के तत्कालीन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को सस्पेंड करता हूं। इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान सवाल लगाने वाले भाजपा विधायक गैर हाजिर मिले तो स्पीकर वासुदेव देवनानी नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि सवाल लगाकर सदन से गैर हाजिर रहना गलत, कल भी तीन चार विधायक नहीं थे, इससे पहले आधुनिक और डिजिटल लाइब्रेरी को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा के बीच नोकझोंक हो गई। जगत सिंह ने सवाल लगाया, लेकिन सदन में नहीं थे आज भाजपा विधायक जगत सिंह ने नदबई में चंबल धौलपुर-भरतपुर वृहद पेयजल परियोजना से गांवों तक पानी पहुंचाने की समय सीमा के बारे में पूछा था। स्पीकर ने जगत सिंह का नाम पुकारा लेकिन वे मौजूद नहीं थे। इस पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि सवाल लगाकर सदन से गैर हाजिर रहना उचित नहीं है। कल भी तीन चार विधायक सवाल लगे होने के बावजूद सदन में नहीं थे।


