कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार को प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री की पावर तो ऊपर वालों ने सीज कर रखी है। मंत्रियों की पावर हमारे राज्यपाल ने सीज कर रखी है। मंत्रियों को जो बैठक करनी होती है, वो राज्यपाल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री समीक्षा कर रहे हैं। किस बात की समीक्षा कर रहे हो। एक बार इसकी भी समीक्षा कर लो कि पर्ची सही थी या गलत। कम से कम राजस्थान का तो भला हो जाएगा। डोटासरा ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को नसीहत भी दी है। उन्होंने कहा- टीकाराम जूली साहब ने ठीक कहा कि ये सरकारें तोड़ देते हैं, आप बोलते नहीं हैं। आपको किस बात का डर है, जेल जाने का? भगत सिंह जैसे दीवाने तो जेल छोड़ो, देश के लिए फांसी पर चढ़ गए। आप और हम आने वाले कल के लिए, संविधान के लिए थोड़ी मेहनत और थोड़ा साहस नहीं कर सकते तो आपको कांग्रेसी कहलाने का अधिकार नहीं है। डोटासरा ने कहा- रस्म अदायगी से काम नहीं चलेगा। रस्म अदायगी ने देश में हमें 50 तक पहुंचा दिया, अभी 100 हैं। अंबेडकर जयंती पर डोटासरा प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा- एक महीने तक संविधान रक्षा का अभियान चलेगा। जो इसमें भाग लेगा, वही नेता होगा। जो तीन महीने तक बैठक में नहीं आएगा, उसकी छुट्टी कर देंगे। डोटासरा ने कही ये 5 बड़ी बातें… 1. संविधान को तोड़ रहे हैं
डोटासरा ने कहा- वन स्टेट, वन इलेक्शन को लेकर कोई कानून में बदलाव नहीं किया। इसके बावजूद प्रशासक लगा दिए। पांच साल में चुनाव करवाने के प्रावधान के बावजूद ये साल भर तक चुनाव आगे खिसका रहे हैं। यह क्या संविधान को नहीं तोड़ रहे? यह संविधान का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं क्या? कुछ लोग इसलिए खुश हो रहे होंगे कि उनका 6 महीने, 12 महीने कार्यकाल बढ़ गया। हिम्मत पैदा करो। अच्छे काम करोगे तो दोबारा 5 साल के लिए आ जाओगे। यह संविधान में कहीं नहीं था कि जब आप मर्जी हो, तब चुनाव करवाओगे। 2. बैठक में नहीं आएगा, उस पदाधिकारी की छुट्टी कर देंगे
पीसीसी चीफ ने कहा- कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आने वाले दिनों में खुद को फील्ड में झोंकना होगा। संविधान बचाने के अभियान में जो काम करेगा, फील्ड में खुद को झोंकेगा, वही हमारा नेता है। केवल बातों से काम नहीं चलता है। समय रहते सरकार की गलत नीतियों का विरोध करना होगा। मंडल से लेकर हर स्तर की बैठक लीजिए। जो पदाधिकारी तीन महीने बैठक में नहीं आया तो नया पदाधिकारी बना देंगे। हमें कॉल लेना पड़ेगा, जो 3 महीने तक बैठक में नहीं आए तो उसको आराम करने की आवश्यकता है। उसकी जगह दूसरे को पदाधिकारी बना देंगे। 3. पूर्व मुख्यमंत्री ने पानी पर लानत भेजी
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा- सरकार में कोई काम ही नहीं हो रहा। पूर्व मुख्यमंत्री यह कह दे कि लानत हो सरकार पर कि पानी नहीं मिल रहा, लोग मर रहे हैं। इसके बावजूद एक एक्सईएन को एपीओ करके इतिश्री कर दे, ऐसी निकम्मी सरकार है। कांग्रेस के लोग जनता की आवाज नहीं बनोगे तो कौन बनेगा? 4. कांग्रेस कार्यकर्ता को हाथ लगाया तो ईंट से ईंट बजा देंगे
डोटासरा ने कहा- अगर किसी ने अपराध किया, चाहे वह हमारी ही पार्टी का भी हो तो अरेस्ट कीजिए। लेकिन, राजनीतिक दुर्भावना से किसी को परेशान किया तो मैं और जूली साहब उस कार्यकर्ता के साथ खड़े मिलेंगे। राजनीतिक दुर्भावना से कांग्रेस कार्यकर्ता पर हाथ उठाया तो ईंट से ईंट बजा देंगे। डोटासरा ने कहा- कोटा में जनता के मुद्दों पर प्रदर्शन के दौरान हम पर केस किया। कुछ दिन पहले सीआईडी-सीबी वालों ने कहा कि हम पूछताछ के लिए आपके घर आना चाहते हैं। हमने कहा नहीं, हम खुद आपके दफ्तर ही आ रहे हैं। गिरफ्तार कर लेना। हम खुद सीआईडी-सीबी के दफ्तर गए। अगर हम ही उन्हें घर बुलाकर चाय-कॉफी पिलाकर भेज देते तो कार्यकर्ता में क्या मैसेज जाता? 5. महापुरुषों को भुलाने की कीमत चुका रही कांग्रेस
डोटासरा ने कहा- जिन लोगों ने संविधान में विश्वास नहीं किया, वे लोग किन्हीं कारणों से सत्ता में आ गए। सत्ता में इसलिए आ गए कि जिस कांग्रेस ने देश को आजादी दिलाई, जिन महान नेताओं ने त्याग, तपस्या और बलिदान के कारण देश को आजाद कराया, उनके बारे में हम लोगों ने चर्चा करना कम कर दिया। उनकी सोच को हमारी नई पीढ़ी में पढ़ाना-समझाना बंद कर दिया। और उसमें मान लिया कि हम लोग ही सत्ता में रहेंगे। इसकी वजह से आपने देखा होगा, बाबा साहब के संविधान की चर्चा करना बंद कर दी, महापुरुषों के जीवन को पढ़ना बंद कर दिया और संगोष्ठी करना बंद कर दिया। जिसके कारण ऐसे लोग सत्ता में आ गए, जिन्होंने कभी बाबा साहब के आदर्शों को नहीं माना। हम पुरानी परंपरा को वापस चालू करेंगे।


