दिन-रात अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और सुरक्षा की कमान संभालने वाले हाथ जब बल्ला और गेंद थामकर मैदान में उतरे, तो नजारा देखने लायक था। झुंझुनूं पुलिस के जवानों ने अपनी व्यस्त दिनचर्या और ड्यूटी के भारी बोझ को एक तरफ रख, खेल के मैदान पर न केवल पसीना बहाया, बल्कि टीम भावना की नई मिसाल भी पेश की। जिले भर में खेलकूद और टीम-बिल्डिंग गतिविधियों का शानदार आगाज हुआ। मैदान पर दिखा ‘टीम वर्क’ का जज्बा जिले के सभी वृत्ताधिकारियों (CO) ने अपने-अपने क्षेत्रों के थानों को सम्मिलित कर वृत स्तरीय क्रिकेट मैचों का आयोजन किया। इन मुकाबलों में थानों के जवानों से लेकर कार्यालय स्टाफ और थानाधिकारियों ने पूरी ऊर्जा के साथ शिरकत की। थानाधिकारियों ने अपनी-अपनी टीमों की कप्तानी की। दो टीमें बनाकर क्रिकेट के रोमांचक मुकाबले खेले गए। वर्दी की औपचारिकता से दूर, जवानों में एक-दूसरे के प्रति विश्वास और आपसी समन्वय का अद्भुत मानवीय रूप देखने को मिला। व्यस्त जीवन में सुकून के कुछ घंटे पुलिस की नौकरी 24×7 की चुनौतियों से भरी होती है, जहां मानसिक तनाव और शारीरिक थकान होना स्वाभाविक है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जवानों के मनोबल को बढ़ाना है। उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। जब जवान शारीरिक रूप से फिट और मानसिक रूप से खुश होता है, तो उसकी कार्यक्षमता (Efficiency) कई गुना बढ़ जाती है। खेल हमें हार-जीत के साथ-साथ कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहना और मिलकर काम करना सिखाते हैं। बृजेश ज्योति उपाध्याय, एसपी झुंझुनूं


