खतरनाक व ज्वलनशील पदार्थों के वाहन आम लाइसेंस या हैवी लाइसेंस वाले वाहन चालक नहीं चला सकते। इन वाहनों को चालकों के प्रशिक्षण के लिए ‘ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट’ को मान्यता दी जाती है। केंद्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम 9 के तहत 3 दिन का प्रशिक्षण सिलेबस है। इसके बाद 3 साल का लाइसेंस मिलता है। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा 14 जुलाई 2023 को एक आदेश (19/2023) जारी कर ऐसे संस्थानों को मान्यता देने और प्रशिक्षक की योग्यता निर्धारण के आदेश जारी किए थे। पड़ताल में सामने आया कि इस आदेश में भारतीय मानक ब्यूरो के जो महत्वपूर्ण स्टैंडर्ड थे, उनको बाइपास कर दिया, ताकि मान्यता प्राप्त संस्थाओं को कड़े प्रावधानों में छूट देकर फायदा पहुंचाया जा सके। इससे वे आसानी से इंस्टीट्यूट खोल सकें। जबकि महाराष्ट्र, गुजरात, केरल सहित कई राज्यों ने ब्यूरो के स्टैंडर्ड को ज्यों का त्यों रखा। बता दें कि प्रदेश में परिवहन विभाग ने 14 जुलाई 2023 को मॉकड्रिल टेस्ट परिसर, हैवी ट्रक-टैंकर, हैवी ड्राइविंग ट्रैक की प्रमुख शर्त को हटा दिया था। इस पर सितंबर 2024 को नसीराबाद (अजमेर) से बीजेपी विधायक रामस्वरूप लांबा ने सवाल उठाते हुए परिवहन मंत्री व डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा को पत्र लिखा था। इसमें कहा कि बगैर आधारभूत सुविधाओं के संस्थानों को मान्यता दे दी गई। इनकी मान्यता समाप्त की जाए, ताकि खतरनाक ज्वलनशील पदार्थों का परिवहन करने वाले चालकों को सही प्रशिक्षण मिले और दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इंस्टीट्यूट में ये होना जरूरी
फरवरी-2023 के नियम मुताबिक उन्हीं संस्थाओं को प्रशिक्षण के लिए लाइसेंस दिया जाना था, जिनके पास मॉकड्रिल टेस्ट के लिए पर्याप्त परिसर हो, ड्राइवरों की ट्रेनिंग के लिए हैवी ट्रक-टैंकर, हैवी ड्राइविंग ट्रैक, प्रशिक्षण के लिए व्हीकल सिमुलेटर, केमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा/रसायन विज्ञान में स्नातक और ऑटोमोबाइल/मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, फायर सेफ्टी डिप्लोमाधारी दो ट्रेनर हों।
प्रदेश में 8 इंस्टीट्यूट : दो दिन सड़क सुरक्षा, वाहन अनुरक्षण और फील्ड टेस्ट का प्रशिक्षण होता है। तीसरे दिन परिवहन किए जाने वाले पदार्थों की सुरक्षा के प्रशिक्षण का प्रावधान है। प्रदेश में ऐसे 8 ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट हैं। ट्रांसपोर्टर ने की थी शिकायत
“ट्रांसपोर्टर शिकायत लेकर आए थे कि जिन संस्थानों के पास संसाधन नहीं हैं, वो इस तरह के सर्टिफिकेट बांट रहे हैं। कांग्रेस सरकार में ऐसे संस्थानों को शिथिलता दी थी। इस संबंध में मंत्री को पत्र लिखा था।” -रामस्वरूप लांबा, भाजपा विधायक, नसीराबाद नियम सख्त करेंगे
” इस पर हमारा फोकस है, इसकी समीक्षा करेंगे और जल्द ही बैठक करेंगे। विधायक से बात हुई है। इसे दिखवाकर नियमों को सख्त करेंगे।”
-डॉ. प्रेमचंद बैरवा, उपमुख्यमंत्री टैंकर मालिक बोला- ड्राइवर-खलासी जिंदा, बात हुई है “गैस टैंकर का ड्राइवर और खलासी दोनों जिंदा हैं। मेरी उनसे बात हुई है। भिड़ंत के बाद दोनों घबरा गए थे। ड्राइवर मथुरा का है। 2 साल से हमारे पास इस टैंकर पर है। अब उसका फोन बंद आ रहा है। मैंने उसके घर किसी को भेजा है, ताकि बात हो सके। यही बात पुलिस को भी बताई है।” -अनिल पंवार, टैंकर मालिक, हरियाणा


