भास्कर न्यूज | रायगढ़ जिले में ढाई साल से केवल एक रेत घाट खदान का ही संचालन हो रहा है। अधिकांश रेत घाटों में नीलामी नहीं होने के कारण अवैध खनन हो रहा है। इससे सरकार को रॉयल्टी नहीं मिल रही है और ग्राहकों को सस्ती रेत नहीं मिल रही है। माफिया अधिक कीमत पर रेत बेच रहे हैं और खनिज विभाग धरपकड़ नहीं कर रहा है। डेढ़ महीने बाद बारिश शुरू होगी, जिससे खनन पर प्रतिबंध लगने से रेत की कालाबाजारी और बढ़ेगी और ग्राहकों को अधिक कीमत देनी होगी। तस्कर सड़कों के किनारे अवैध खनन कर रेत डंप कर रहे हैं ताकि बारिश के दिनों में अधिक दामों पर बेच सकें। रेत घाटों के लाइसेंस रद्द होने के बाद से नीलामी के इंतजार में ढाई साल गुजर गए हैं। पिछले साल एक रेत घाट में खनन की अनुमति मिली थी। अन्य घाटों के लिए पहले ग्राम पंचायत के हाथों में देने की योजना थी, लेकिन एनओसी, ग्राम सभा, जमीन के दस्तावेज सहित परमिशन जैसे काम अधूरे रह गए और शासन बदल गई। जिले में 30 रेत घाटों की नीलामी नहीं हुई है। अब राज्य शासन रेत घाट सहित खनिजों की नीलामी ऑनलाइन करेगी, जिसकी तैयारी में विभाग जुटा हुआ है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक-दो महीने में ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।


