अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने तरनतारन जिले में अमरकोट की अनाज मंडी में ‘पंजाब बचाओ-सरदार सुखबीर सिंह बादल लाओ’ अभियान के तहत एक विशाल रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पंजाब के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया। बादल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने राज्य के साथ भेदभाव किया है, जिसने नदी का आधा पानी राजस्थान को दे दिया। उन्होंने इसे रिपेरियन सिद्धांत का उल्लंघन बताया, जिसके अनुसार नदी के पानी पर उसी राज्य का हक होता है।
हरियाणा को पानी नहीं देंगे सुखबीर सिंह बादल ने स्पष्ट किया कि शिरोमणि अकाली दल मुख्यमंत्री को एसवाईएल नहर के माध्यम से हरियाणा को पानी देने की अनुमति देकर राज्य के हितों से समझौता नहीं करने देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र के पास मुख्यमंत्री मान की ऑस्ट्रेलिया में 2500 एकड़ जमीन खरीद की सूची वाली फाइल मौजूद है। गैंगस्टर कल्चर को खत्म करने का लिया संकल्प बादल ने दावा किया कि यही कारण है कि भगवंत मान ने अब इस मुद्दे पर अपना रुख नरम कर लिया है और सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वे पंजाब के पानी को हरियाणा को सौंपने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।उन्होंने गैंगस्टर कल्चर और ड्रग माफिया को समाप्त करने का संकल्प लेते हुए कहा कि ऐसे तत्वों की संपत्तियों की नीलामी करने के अलावा, दस साल की जमानत देने से इनकार करने के लिए कानूनों में बदलाव किए जाएंगे। आटा-दाल योजना को फिर से शुरू करने का वादा बादल ने आटा-दाल योजना को फिर से शुरू करने का भी वादा किया, जिसमें आटा 4 रुपये प्रति किलो और दाल 20 रुपये प्रति किलो दी जाएगी। उन्होंने गरीब वर्गों को एक लाख रुपये विवाह सहायता और बुढ़ापा पेंशन को 3100 रुपये प्रति माह करने की घोषणा की। रोजगार और अवसर खोले जाएंगे अकाली दल अध्यक्ष ने यह भी घोषणा की कि गांवों में ‘लाल डोरा’ के अंतर्गत आने वाली सभी जमीनों को उनके मालिकों के नाम पर पंजीकृत किया जाएगा। साथ ही, सभी कच्चे मकानों का आधुनिक तरीके से पुनर्निर्माण किया जाएगा। नौजवानों के लिए नए रोजगार और अवसर खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी नए उद्योगों को 75 फीसदी पंजाबी नौजवानों को ही नौकरी पर रखना होगा। नौकरियां केवल पंजाबियों के लिए ही उपलब्ध होंगी सुखबीर बादल ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी सरकारी नौकरियां केवल पंजाबियों के लिए ही उपलब्ध होंगी। उन्होंने नौजवानों को 10 लाख रुपये का ब्याज मुक्त कर्ज उपलब्ध कराने की घोषणा की, जिसे वे 10 साल की अवधि के भीतर वापस कर सकते हैं।


