तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय के छात्रों ने किया ग्रामीण सर्वेक्षण

खोेरीमहुआ|बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची से संबद्ध तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय, गोड्डा के बीएससी (कृषि) सातवें सेमेस्टर के छात्रों ने ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव एवं औद्योगिक संलग्नता कार्यक्रम के तहत ग्राम गंदरकपुर, मंडल टोला, शिकारीपाड़ा प्रखंड, दुमका जिला में सर्वेक्षण एवं कृषि तकनीक प्रदर्शन आयोजित किया। छात्रों ने प्राथमिक विद्यालय एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का सर्वेक्षण कर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और ग्रामीणों को मिलने वाली सेवाओं की स्थिति का मूल्यांकन किया। इस दौरान छात्रों ने अजोला, वीएएम (वेसिकुलर आर्बस्कुलर माइकोराइजा) और एकीकृत कीट प्रबंधन तकनीकों का प्रदर्शन कर किसानों एवं ग्रामीणों को लाभ और उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ. श्रवण कुमार सहनी और श्री सतीश कुमार पांडेय ने छात्रों का मार्गदर्शन किया। छात्रों के पांचवें समूह के सदस्य प्रियांशु तिवारी, मयंक सिन्हा, शोभित उरांव, पीयूष कुमार और गौरव कुमार तिवारी ने निभाई। शिक्षकों ने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान देने के ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक और कृषि तकनीकों के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान करती हैं। भास्कर न्यूज | गिरिडीह अखिल विश्व गायत्री परिवार से जुड़ी महिलाओं द्वारा गुरुवार को डुमरी प्रखण्ड के इसरी बाजार क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित शिवालय परिसर में साप्ताहिक हवन कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व सुनीता देवी ने किया। हवन में क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक वातावरण को भक्तिमय बना दिया।कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार एवं गायत्री महामंत्र के सामूहिक जप से की गई। हवन के दौरान उपस्थित महिलाओं ने देश, समाज एवं परिवार की सुख-शांति, सद्भाव और नैतिक उत्थान की कामना की। इस अवसर पर वक्ताओं ने गायत्री परिवार के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युग निर्माण के लिए आत्मशुद्धि, सदाचार और सेवा भाव अत्यंत आवश्यक है। नेतृत्व कर रहीं सुनीता देवी ने कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार का उद्देश्य समाज में नैतिक मूल्यों को स्थापित करना तथा लोगों को आध्यात्मिक रूप से जागरूक करना है। साप्ताहिक हवन कार्यक्रम इसी दिशा में एक प्रयास है, जिससे मानसिक शांति के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे नियमित रूप से ऐसे आयोजनों में भाग लेकर अपने जीवन को अनुशासित और संस्कारित बनाएं। हवन के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से न केवल आत्मिक बल मिलता है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव भी बढ़ता है। आयोजन को सफल बनाने में गायत्री परिवार की महिलाओं का सराहनीय योगदान रहा।

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