ग्वालियर में पुलिस को तीन साल से चकमा दे रहे धोखाधड़ी के आरोपी को क्राइम ब्रांच और जनकगंज थाना पुलिस ने भिंड से पकड़ा है। पकड़े गए आरोपी पर पुलिस कप्तान ने दो हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। इस मामले में एक आरोपी पूर्व में पकड़ा जा चुका है और एक अभी भी फरार है। पुलिस टीम पकड़े गए आरोपी से उसके फरार साथी की जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ कर रही है। आरोपी बीच-बीच में ग्वालियर आता था, लेकिन कभी पुलिस के हाथ नहीं आया था। डीएसपी क्राइम नागेन्द्र सिंह सिकरवार, मनीष यादव ने बताया कि सूचना मिली थी कि धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे दो हजार रुपए के इनामी आरोपी भिंड में आने वाला है। जिस पर क्राइम ब्रांच टीआई अमित शर्मा और जनकगंज थाना प्रभारी अतुल सोलंकी को आरोपी को पकड़ने के निर्देश दिए। जिस पर क्राइम ब्रांच व जनकगंज थाना पुलिस ने ग्राम जग्गा का पुरा (आरोली) भिंड में दबिश दी और केपी उर्फ कृपाल सिंह गुर्जर पुत्र उदय भान सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि पुलिस से बचने के लिए उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम अलर्ट थी और उसे भागने से पहले ही पकड़ लिया। पूछताछ कर फरार साथी का पता लगा रही पुलिस
पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर पता लगा रही है कि इस मामले में फरार उसका तीसरा साथी कहां है?, क्योंकि इस मामले में तीन आरोपी थे और एक आरोपी को पुलिस पूर्व में ही पकड़ चुकी है। गिरवाई में दर्ज है मामला
बताया गया है कि जिस मामले में आरोपी को पकड़ा गया है, उसकी एफआईआर गिरवाई थाने में दर्ज है। जिसे जांच के लिए जनकगंज थाना पुलिस को दिया गया है।


