महाराष्ट्र के परभणी में 26 दिसंबर की रात करीब 8 बजे एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को जिंदा जला दिया। आग की लपटों में घिरी महिला सड़क पर दौड़ती दिखी तो कुछ लोगों ने पानी-चादर से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन महिला को बचा नहीं सके। शनिवार को घटना का CCTV फुटेज सामने आया है। कुंडलिक काले अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ परभणी के फ्लाई ओवर इलाके में रहता था। पुलिस ने बताया कि आरोपी कुंडलिक काले कुछ दिन पहले तीसरी बार पिता बना था। उसकी दो बेटियां पहले से थीं, इस बार भी बेटी होने के कारण वह पत्नी से नाराज था। कुंडलिक के खिलाफ उसकी पत्नी की बहन ने पुलिस थाने में हत्या का केस दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी कुंडलिक को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। मृतक महिला की बहन का बयान दर्ज किया गया है। 5 तस्वीरों में पूरी घटना… परभणी में पुलिस हिरासत में युवक की मौत
10 दिसंबर को सोपन दत्ताराव पवार नाम के व्यक्ति ने परभणी रेलवे स्टेशन के सामने अंबेडकर स्मारक में संविधान की रेप्लिका पर लगा कांच तोड़ा था। भीड़ ने पवार को पीटा था। बाद में उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी मानसिक रोगी है। 11 दिसंबर को अंबेडकर स्मारक में तोड़फोड़ के विरोध में परभणी बंद बुलाया गया था। लोगों की मांग आरोपी को फांसी देने की थी। बंद के दौरान हिंसा भड़की। तोड़फोड़ और आगजनी हुई। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे और लाठीचार्ज किया था। हिंसा मामले में उसी रात पुलिस ने 50 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें सोमनाथ सूर्यवंशी भी शामिल था। दो दिन पुलिस कस्टडी में रखने के बाद उसे ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा था। 15 दिसंबर को पुलिस ने बताया कि सीने में दर्द की शिकायत पर सोमनाथ को अस्पताल लाए थे, यहां उसकी हार्ट अटैक से मौत हुई। राज्य सरकार ने सोमनाथ के परिवार को 10 लाख रुपए मदद की घोषणा की। 23 दिसंबर को राहुल गांधी परभणी गए थे। उन्होंने सोमनाथ के परिवार से मुलाकात की थी। साथ ही कहा था कि सोमनाथ की मौत पुलिस हिरासत में मौत का मामला है। इसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…


