भास्कर न्यूज | हसुवा धार्मिक आस्था के केंद्र तुरतुरिया माता गढ़ में दान पेटी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रशासन बनाम जनप्रतिनिधि की खुली टकराहट में बदल गया है। पारदर्शिता के सवाल पर भड़का यह मामला अब सीधा-सीधा जनपद पंचायत के सीईओ की कार्यशैली पर सवाल बन गया है। जनपद पंचायत के सदस्यों ने दो टूक कहा है—कार्रवाई करो या आंदोलन झेलो। सूत्रों के मुताबिक अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि दान पेटी मंदिर परिसर में ही, सभी की मौजूदगी में खोली जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन आरोप है कि तय प्रक्रिया को दरकिनार कर दान पेटी को कसडोल जनपद कार्यालय ले जाया गया। इस फैसले से ग्रामीणों, मंदिर समिति और श्रद्धालुओं में गहरा असंतोष है। घटना स्थल पर सरपंच और पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा नियमों का हवाला देकर पेटी मौके पर खोलने की मांग की गई । मंदिर समिति का स्पष्ट कहना है कि धार्मिक दान की राशि सार्वजनिक रूप से गिनी जानी चाहिए कसडोल जनपद पंचायत के सभापति व्यासनारायण श्रीवास ने कहा कि मामला केवल दान पेटी तक सीमित नहीं है। जनपद पंचायत के कई सदस्यों ने एक स्वर में मांग की है कि वर्तमान सीईओ को तत्काल कसडोल से हटाया जाए। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू होगा। प्रशासन इसके लिए जिम्मेदार होगा।


