भास्कर संवाददाता | दीवड़िया इछावर के दीवड़िया और झुझरपुरा के बीच बुधवार रात फिर तेंदुआ नजर आया। रात करीब 10 बजे किसान लाड़सिंह खेत में काम कर रहे थे। फसल के बीच तेंदुआ चुपचाप बैठा था। लाड़सिंह चलते-चलते उसके पास पहुंच गए। तेंदुआ देखकर वह जान बचाकर भागे। मदद के लिए आवाज लगाई। पास के खेत में काम कर रहा पड़ोसी दौड़कर आया। उसने भी शोर मचाया। शोर सुनकर गांव से कई ग्रामीण खेत पर पहुंचे। तेंदुआ तब भी खेत में ही बैठा था। ग्रामीणों ने तेंदुए का वीडियो भी बनाया। इसके बाद घेरा बनाकर थाली और पटाखे चलाए। शोर सुनकर तेंदुआ भाग गया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। इलाके में लगातार वन्यजीवों की मौजूदगी से दहशत है। कई गांवों में लोग डर के साए में हैं। किसान इन दिनों रात में खेतों में ही रह रहे हैं। बिजली रात 2 बजे आती है। 10 घंटे की सप्लाई दी जा रही है। ठंड में किसान खेतों में ही सोने को मजबूर हैं। तेंदुए और बाघ की गतिविधियों से किसान खेतों में पानी नहीं फेर पा रहे हैं। नीलबड़ में िदख चुकी है मादा तेंदुआ { नीलबड़ में ही किसानों को एक मादा तेंदुआ, तीन शावकों के साथ नजर आया था, जो शोर मचाने पर गन्ने के खेत में चला गया था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम गांव पहुंची थी और पटाखे जलाकर हांका था। {15 मई 2025 को इछावर से तीन किलोमीटर दूर सिंचाई विभाग के तालाब की नहर में एक तेंदुआ घुस गया था, जिसे वन विभाग की टीम ने पिंजरा लगाकर पकड़ा था और जंगल में छोड़ दिया था।


