भास्कर न्यूज| तोषगांव जनपद पंचायत सरायपाली के अंतर्गत आने वाले आदर्श ग्राम पंचायत तोषगांव के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ है। लंबे समय से की जा रही उच्च शिक्षा की मांग अब रंग लाती दिख रही है। शासन द्वारा तोषगांव में शासकीय नवीन महाविद्यालय का प्रस्ताव पारित होने की खबर मिलते ही समूचे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण तोषगांव और आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अब तक बसना या सरायपाली की ओर रुख करना पड़ता था। आवागमन के साधनों की सीमित उपलब्धता और लंबी दूरी के कारण विशेष रूप से छात्राओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अनेक होनहार छात्राएं हाई स्कूल के बाद कॉलेज दूर होने के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को मजबूर हो जाती थीं। अब गांव में ही कॉलेज खुलने से ड्रॉप-आउट दर में कमी आएगी। वही बेटियां अब अपने घर के पास ही स्नातक और स्नातकोत्तर की शिक्षा ले सकेंगी। खास बात ये है कि सरायपाली या बसना जाने में लगने वाला समय और किराया बचेगा। महाविद्यालय खुलने से तोषगांव एक एजुकेशन हब के रूप में उभरेगा। तोषगांव पहले से ही अपनी आदर्श व्यवस्थाओं के लिए जाना जाता है, अब शासकीय महाविद्यालय की स्थापना से इस गांव की पहचान और सुदृढ़ होगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के भविष्य के लिए एक बड़ा निवेश बताया है। अब तोषगांव का हर युवा अपने सपनों को उड़ान दे सकेगा। परमेश्वर बरिहा, महेन्द्र विशाल ने बताया कि उच्च शिक्षा अब कोसों दूर नहीं, बल्कि हमारे अपने गांव के आंगन में होगी। गांव के सरपंच मोहित रौतिया ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा यह हमारे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। ग्रामीणों और युवाओं की लंबे समय से यह मांग थी, जो अब पूरी होने जा रही है।


