त्योहार के सीजन में भी सैंपल लेने में ढिलाई, बाजारों में तेज हुई सप्लाई, लेकिन जांच और कार्रवाई में अफसर धीमे

सरकार बेशक मिलावट के खिलाफ जंग के नारे बुलंद करे या फिर हाईकोर्ट आदेश देकर मिलावटखोरी पर नकेल कसने की सख्ती करे। लेकिन फूड सेफ्टी विभाग का अमला मैदानी स्तर पर आम दिनों में तो दूर, बल्कि त्योहारी सीजन में भी ढिलाई बरते हुए है। स्थिति यह है कि नवरात्रि से शुरू हुए इस त्योहारी सीजन में इस महीने दीपावली के साथ दूसरे बड़े त्योहार हैं और बाजारों में मावा, घी, मसाले समेत दूसरे फूड आयटमों की सप्लाई तेज हो चुकी है। मगर फूड सेफ्टी अमला पिछले 7 दिनों में सिर्फ 4 बार जांच एवं जब्ती की कार्यवाही कर सका है। जिसमें से 3 बार सड़क पर मावा पकड़ा गया है और एक बार पिसाई सेंटर से मसाले के सैंपल हुए हैं। बाकी शहर में स्थित अंचल की सबसे बड़ी मावा मंडी मोर बाजार या फिर मिठाई और ड्रायफ्रूट्स की बड़ी दुकानों तक ये टीमें गई ही नहीं हैं। सीएमएचओ सचिन श्रीवास्तव कहना है कि सभी फूड सेफ्टी अधिकारियों को जांच बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। टीमें कार्रवाई कर भी रही हैं, भोपाल से अभी करीब 450 जांच रिपोर्ट आना हैं। जिनके आने पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। यहां हुई अब तक जांच हाईकोर्ट सख्त, अधिकारी मिलावटखोरों पर मेहरबान मिलावटखोरी की नकेल कसने के लिए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने पिछले वर्ष आदेश दिए थे कि फूड सेफ्टी विभाग का अमला रोजाना 100 सैंपल करे। अधिकारियों का तर्क था कि इतने सैंपल संभव नहीं है। लेकिन अमला रोजाना 2-4 सैंपल भी नहीं ले पा रहा। 7 दिन में सिर्फ 3 सैंपल हुए हैं। जबकि इन दिनों बाजार में रोजाना कई सैंपल होने चाहिए थे। लैब पर हर बार नई तारीख, 450 रिपोर्ट लंबित फूड आयटमों के सैंपलों की जांच जल्दी हो और रिपोर्ट आने पर कार्यवाही हो सके। इसलिए ग्वालियर में संभागीय स्तर की फूड टेस्टिंग लैब 2023 में तैयार होनी थी, लेकिन अब तक इसका काम पूरा नहीं हो सका है। यह लैब कब तक शुरू होगी इसका जवाब निर्माण एजेंसी हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी नहीं दे पा रहे हैं। वहीं ग्वालियर से गए करीब 450 सैंपलों की जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आ सकी है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *