बीजेपी के पूर्व विधायक भवानी राजावत सहित एक अन्य पर दो साल पहले तत्कालीन डीसीएफ रवि मीणा को चांटा मारने का आरोप लगा था। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। इस मामले में आज एससी-एसटी कोर्ट का फैसला आ सकता है। पूर्व विधायक राजावत कोर्ट पहुंचे चुके हैं। मामले को लेकर तत्कालीन डीसीएफ ने नयापुरा थाने में पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत, भाजपा कार्यकर्ता महावीर सुमन सहित 10-15 लोगों पर थप्पड़ मारने, धक्का-मुक्की करने और राजकार्य में बाधा के आरोप लगाए थे। जिस पर पुलिस ने धारा 332,353,34 व 3 (2)(va) एससी/एसटी एक्ट में मामला दर्ज किया था। मामले में पूर्व विधायक की हुई थी गिरफ्तारी
मामला मार्च 2022 का है। तब दाढ़ देवी माता जी मंदिर रोड पर यूआईटी की ओर से करवाए जा रहे पेचवर्क को वन विभाग ने रूकवाया था। इस बात से नाराज होकर 31 मार्च 2022 की दोपहर साढ़े 3 बजे के करीब पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत अपने समर्थकों के साथ राजभवन रोड स्थित वन विभाग के ऑफिस में गए थे। डीसीएफ राजावत को कुर्सी पर बैठने और चाय पीने का आग्रह करते रहे। बातचीत के दौरान राजावत ने डीसीएफ रविकुमार मीणा को थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद वे ऑफिस से बाहर निकल गए थे। घटना के बाद डीएफओ ने पुलिस में रिपोर्ट दी। इसके बाद राजावत 1 अप्रैल 2022 को गिरफ्तार हुए। 10 दिन जेल में रहे थे। बाद में उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, तब से जमानत पर हैं। नेताओं-अफसरों के बीच मारपीट के कई मामले आ चुके सामने नेताओं और अफसरों के बीच मारपीट का ये पहला मामला नहीं है। पहले भी कई घटना हो चुकी हैं।


