हनुमानगढ़ में अभिषेक शर्मा हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित लोगों ने थाने के सामने लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ दिए। इस पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने स्प्रे छिड़का, जिससे लोगों की आंखों में जलन होने लगी। ग्रामीणों ने पुलिस पर मिर्ची स्प्रे का छिड़काव करने का आरोप लगाया, जबकि कुछ लोगों ने आंसू गैस छोड़े जाने की बात कही। 3 बार पहले भी कर चुके थाने का घेराव
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पहले भी 3 बार थाने का घेराव कर चुके हैं। जांच अधिकारी भी बदला जा चुका है, लेकिन अब तक हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। संघर्ष समिति ने पुलिस की कार्रवाई को बेहद धीमी बताया। समिति ने पुलिस को 5 मार्च तक का समय दिया था, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक अभिषेक शर्मा के हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक थाने के सामने डटे रहेंगे और आंदोलन जारी रखेंगे। 10 दिन में हत्यारों को पकड़ने पर बनी सहमति
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से 15 दिनों का अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे बहुत ज्यादा बताया। इसके बाद 10 दिनों में हत्यारों को पकड़ने पर सहमति बनी। आईजी ओमप्रकाश के लिखित आश्वासन के बाद, संघर्ष समिति और ग्रामीणों ने घेराव स्थगित करने की घोषणा की। 31 मार्च को चक्काजाम की दी चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने SOG को भी 30 मार्च तक का समय दिया और निष्पक्ष जांच की मांग की है। संघर्ष समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि 30 मार्च तक न्याय नहीं मिला, तो 31 मार्च को क्षेत्र में चक्काजाम किया जाएगा और जन आंदोलन को तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में दीपलाना, परलीका, मोठसरा, गोगामेड़ी, खिंचवाना, भरवाना, ढिलकी जाटान, नेठराना, रामगढ़, उज्जवलवास, मुंसरी, जमाल और बरासरी सहित कई गांवों के हजारों लोग शामिल हुए। जांच अधिकारी एएसपी गीता चौधरी ने बताया- मामले की जांच में पुलिस की कई टीमें लगी हुई है। जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिलेगी। घर से खेलने निकला था, कुएं में मिला शव
छात्र अभिषेक शर्मा (11) पुत्र रजनीश शर्मा निवासी नेठराना गांव 10 फरवरी की शाम को घर से खेलने निकला था। वापस नहीं लौटने पर तलाश शुरू की तो रात में उसका शव गांव में एक कुएं में मिला था। वह 5वीं क्लास में पढ़ता था। गले पर चोट के निशान मिलने पर हत्या की आशंका जताई गई थी। घटना को 23 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को हत्यारे का कोई सुराग नहीं मिला है। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। विरोध के तौर पर ग्रामीणों ने इस बार गांव में होली का त्योहार भी नहीं मनाया था।


