दतिया कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े ने सभी आवेदकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान इंदरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा एक मार्मिक मामला सामने आया। स्वास्थ्य केंद्र में महिला वार्ड में पदस्थ एक महिला कर्मचारी जनसुनवाई में पहुंची और रोते हुए आरोप लगाया कि उसे बिना किसी पूर्व सूचना के हटा दिया गया। महिला ने बताया कि वह और उसका पति दोनों दिव्यांग हैं और वह बीते 13 वर्षों से लगातार सेवा दे रही थी। पिछले आठ दिनों से बीमारी के कारण वह ड्यूटी पर नहीं आ सकी, इसी का हवाला देकर उसे सेवा से हटा दिया गया। महिला ने कलेक्टर से पुनः कार्य पर रखे जाने की गुहार लगाई। शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का मामला
ग्राम राजापुर निवासी अंकुश अहिरवार ने आवेदन देकर आरोप लगाया कि उसके मकान के सामने स्थित शासकीय भूमि पर मान सिंह अहिरवार द्वारा अवैध अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया जा रहा है। फरियादी ने बताया कि विरोध करने पर उसे गाली-गलौज और धमकी दी गई। कलेक्टर ने मामले की जांच कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। हीरा कॉलोनी में सड़क निर्माण को लेकर शिकायत
वार्ड नंबर 33 हीरा कॉलोनी के रहवासियों ने गली नंबर 2 में 20 फुट चौड़ी आरसी रोड स्वीकृत होने के बावजूद अवैध अतिक्रमण के कारण केवल 15 फुट सड़क बनने की शिकायत की। रहवासियों ने अतिक्रमण हटवाकर पूर्ण चौड़ाई में सड़क निर्माण कराने की मांग की, जिस पर कलेक्टर ने नगर पालिका को जांच के आदेश दिए। छात्रवृत्ति न मिलने से परेशान छात्र
जनसुनवाई में ओबीसी वर्ग के छात्रों ने भी अपनी पीड़ा रखी। छात्रों ने बताया कि वे पं. गंगाधर पाण्डेय श्रवण कुमार महाविद्यालय, कुठौंद (जालौन, यूपी) में अध्ययनरत थे, लेकिन उन्हें सत्र 2022-23 और 2023-24 की छात्रवृत्ति अब तक नहीं मिली है। कलेक्टर ने संबंधित विभाग को शीघ्र भुगतान के निर्देश दिए। कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े ने जनसुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण प्रशासन की प्राथमिकता है और सभी मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


