दमोह जिले के तेंदूखेड़ा नगर के वार्ड नंबर 11 और 12 में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बुधवार शाम एक बंदर ने घर के बाहर खड़ी बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गई हैं। वार्ड 11 की रहने वाली 58 साल की कलाबाई लोधी शाम करीब 4 बजे अपने घर से बाहर निकली थीं। इसी दौरान एक बंदर ने उन पर हमला कर दिया और उनके दोनों हाथों में कई जगह गहरे घाव कर दिए। कलाबाई की चीख सुनकर जब परिजन बाहर आए, तब बंदर वहां से भागा। घायल महिला को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। बच्चों में खौफ, स्कूल जाने से डर रहे इलाके में दर्जनों बंदरों के जमावड़े से रहवासी दहशत में हैं। इन वार्डों में दो स्कूल और तीन आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जहां रोज सैकड़ों बच्चे आते-जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों के डर से बच्चे स्कूल जाने से कतरा रहे हैं और दिनभर घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। अभिभावकों को हमेशा किसी अनहोनी का डर सताता रहता है। शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान बुजुर्ग महिला के बेटे कमलेश लोधी और अन्य निवासियों ने बताया कि बंदरों का आतंक पिछले कई महीनों से है। नगर परिषद और वन विभाग को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक बंदरों को पकड़ने की कोई कोशिश नहीं हुई। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इन बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ा जाए। जिम्मेदारी पर उलझा विभाग बंदरों को पकड़ने के मामले में विभागों के बीच तालमेल की कमी दिख रही है। तेंदूखेड़ा उपवन मंडल अधिकारी प्रतीक दुबे का कहना है कि बंदर शहरी इलाके में हैं, जो नगर परिषद के दायरे में आता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वे सहयोग के लिए अपना स्टाफ उपलब्ध करा सकते हैं।


