भास्कर न्यूज| महासमुंद जिला व सत्र न्यायालय महासमुंद में बुधवार को डिजिटल स्कैनिंग सेंटर, डिजिटाइजेशन केन्द्र का शुभारंभ किया गया। इस डिजिटल स्कैनिंग सेंटर के माध्यम से न्यायालयीन दस्तावेजों को डिजिटली सुरक्षित व संरक्षित रूप से रखे जाने के लिए किया जा रहा है। उद्घाटन में वर्चुअल मुख्य अतिथि के रूप में छग उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की उपस्थिति में किया गया। मुख्य न्यायाधिपति के कहा कि यह डिजिटल स्कैनिंग सेंटर के माध्यम से न्यायालयीन दस्तावेजों का डिजिकरण कर दस्तावेजों को सुरक्षित व संरक्षित रूप से रखे जाने के लिए प्रयास है। जिला न्यायालय में अभिलेखों के डिजिटाइजेशन कार्य संपादित होने से, न्यायालयीन प्रकरणों के अभिलेख के सुरक्षित रख-रखाव व संग्रहण में सहयोग मिलेगा। न्यायालयीन कार्यवाही में कागजों का प्रयोग कम होने से व भविष्य में पेपरलेस कोर्ट की अवधारणा साकार होने से न्यायालयीन कार्यवाही के समय प्रबंधन में उन्नयन होगा। इसी प्रकार पक्षकारों व अधिवक्ताओं के लिए भी इस सुविधा से दस्तावेज प्राप्त करने और न्यायालयीन कार्यवाही से अवगत होने में तकनीक का सहयोग मिलने से सुलभता व सुगमता होगी। इस मौके पर छग उच्च न्यायालय बिलासपुर के डिजिटलाइजेशन कमेटी के अध्यक्ष न्यायाधिपति नरेंद्र व्यास, प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया, कलेक्टर विनय लंगेह, एसपी आशुतोष सिंह, अनिल शर्मा, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संघपुश्पा भतपहरी, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अनिल पाण्डेय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद बोरकर सीत अन्य मौजूद थे।


