प्रदेश सरकार एक लाख नौकरियां देने का दावा कर रही है। जबकि रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए प्रतिनियुक्ति की तैयारी चल रही है। प्रदेश भर में लोगों की प्राथमिक जरूरतों से जुड़े यूडीएच विभाग की हालत ये है कि उनके रिक्त पदों पर काफी समय से भर्ती नहीं की गई है। प्रदेश की सभी निकायों में 3999 पद रिक्त हैं। ये आकड़ा खुद सरकार की ओर से जारी किए गए हैं। गली मोहल्लों से लेकर समूचे शहर की सफाई, कूड़ा उठाने से लेकर निस्तारण तक की सुविधा हो, सीवरेज की सफाई हो, नालों की सफाई का मसला हो। गलियों से लेकर सड़कों तक का निर्माण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना हो, भवन निर्माण से लेकर जीवन से जुड़ी तमाम काम नगर निगमों से होते हैं। नगरीय निकाय ऐसा विभाग है जिससे अधिसंख्य लोगों का रोज वास्ता पड़ता है। इतना महत्वपूर्ण विभाग होने के बाद भी सरकार एक साल में सफाई कर्मचारियों की भर्ती नहीं कर पाई। हाल ही में आरओ भर्ती भी निरस्त की गई है। इन पदों पर नए सिरे से भर्ती की तैयारी भी नहीं दिख रही। पद भरे जाने जरूरी हैं इस नाते अब सरकार इन पदों को डेपुटेशन से भरने के प्रयास में है। 11 दिसंबर को सरकार ने एक आदेश जारी करते हुए कहा कि प्रदेश भर की निकायों में पद रिक्त होने से कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए इन पदों को प्रतिनियुक्तियों से भरा जाए। सरकार ने भर्ती को लेकर इस आदेश में कुछ नहीं कहा। डीएलबी डायरेक्टर कुमार पाल गौतम के आदेश से ये पत्र सभी निकायों में पहुंचे हैं। अब निगम अपनी सूची तैयार करा रहे हैं ताकि इन पदों को भरा जाए। प्रशासनिक अधिकारियों के रिक्त पद मुख्य लेखाधिकारी, वरिष्ठ लेखाधिकारी, सहायक लेखाधिकारी, विधि अधिकारी, पेरोकार प्रथम, स्वास्थ्य अधिकारी चयनित वेतनमान, स्वास्थ्य अधिकारी सामान्य, उपपुलिस अधीक्षक, पशुपालन अधिकारी, आरओ प्रथम के एक-एक पद खाली हैं। इसके अलावा आरओ द्वितीय के तीन, उप नगर नियोजक दो, अग्निशमन अधिकारी व उधान अधीक्षक का एक-एक पद रिक्त है। सहायक अग्निशमन अधिकारी, उद्यान निरीक्षक, सहायक जन संपर्क अधिकारी, पर्यावरण अधिकारी और अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारियों के भी एक-एक पद रिक्त हैं। कुल 37 में से 12 पद रिक्त हैं। अधीनस्थ व मंत्रालयिक सेवा कनिष्ठ लेखाकार के तीन, मुख्य स्वच्छता निरीक्षक के दो, स्वच्छता निरीक्षक प्रथम के पांच, स्टेनोग्राफर के दो, राजस्व निरीक्षक के 12, सहायक राजस्व निरीक्षक के दो, लिपिक ग्रेड प्रथम के 10, सेकंड के 17, प्रोग्रामर, डाटा एंट्री आपरेटर, कम्प्यूटर ऑपरेटर के 4, पुलिस कांस्टेबल 6, वाहन चालक 47, वाहन चालक फायर 6, ऑटोकेड आपरेटर एक, सांख्यिकी अधिकारी 3, आपरेटर 3, सहायक पर्चा वितरक 3, विद्युत निरीक्षक एक, सहायक विद्युत निरीक्षक दो, ड्राफ्टमैन कम सर्वेयर दो, मैकेनिक एक व टिंडल के दो पद रिक्त हैं। फायरमैन के 32 पद रिक्त हैं। तकनीकी अधिकारी व अधीनस्थ सेवा अधिशाषी अभियंता सिविल के दो, सहायक अभियंता विद्युत, यांत्रिक, सिविल के एक-एक, कनिष्ठ अभियंता यांत्रिक और सिविल का एक-एक पद रिक्त है। जब कि कनिष्ठ अभियंता विद्युत में एक पद की जगह तीन जेईएन बैठे हुए हैं। चतुर्थ श्रेणी व अन्य पद जमादार 46, सफाई कर्मचारियों के 130, खाती दो, बागवान के 14, दफ्तरी के दो, सहायक कर्मचारियों के 38 व वायरमैन का एक पद रिक्त है। यही वजह है कि निगम ने 20 वाहनचालक, 30 फायरमैन, 42 होमगार्ड और 39 कम्प्यूटर ऑपरेटर संविदा पर रखे हुए हैं। डेपुटेशन के लिए 31 तरह के पद डेपुटेशन पर बुलाने वाले जो पद बताए गए हैं वे 31 तरह के हैं। उसमें सबसे निचले पायदान पर सहायक कर्मचारी है और सबसे पहले पायदान पर अधिशाषी अधिकारी है। इसके बीच तमाम पद हैं। जिसमें तकनीकी, मंत्रालयिक और प्रशासनिक सेवा के अधिकारी भी शामिल है। अब लोगों को इंतजार है कि आखिर कब डेपुटेशन से इन पदों को भरा जाएगा। प्रतिनियुक्ति की अवधि 4 साल तय की गई है।


