दुर्ग में दिन में इडली-दोसा बेचते और रात में चोरी करने वाले 6 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कई थाना क्षेत्रों में 8 चोरी का खुलासा करते हुए सोने-चांदी के जेवरात और कैश समेत करीब 7,15,820 की संपत्ति जब्त की है। इन आरोपियों ने पाटन, उतई, अमलेश्वर, नंदनी, रानीतराई क्षेत्र में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार, चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए 8 फरवरी को दुर्ग पुलिस ने संयुक्त टीम गठित कर जांच की। तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर सूचना और पूर्व प्रकरणों के विश्लेषण के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ की गई। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर रायपुर के मठ पुरैना क्षेत्र से 3 मुख्य आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। सभी राजनांदगांव के रहने वाले हैं आरोपी गिरफ्तार आरोपियों में मनीष अमोरिया (25), जितेन्द्र गायकवाड़ (23) और रवि साहू (23) शामिल हैं। ये तीनों राजनांदगांव जिले के ग्राम लखौली के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि, वे रायपुर के मठ पुरैना क्षेत्र में इडली-डोसा बेचने का काम करते थे और रात के समय सूने मकानों की रेकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। दो महीने में ही 8 वारदात को दिया अंजाम आरोपियों ने नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच दुर्ग जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चोरी की वारदातें कीं। इनमें ग्राम अछोटी (थाना नंदनी), ग्राम औसर (थाना रानीतराई), ग्राम गोडपेण्ड्री (थाना उतई), ग्राम झीट (थाना अमलेश्वर), ग्राम चंगोरी, ग्राम अरसनारा और ग्राम तर्रा (थाना पाटन) सहित अन्य स्थान शामिल हैं। चोरी के दौरान आरोपियों ने सोने के लॉकेट, अंगूठियां, टॉप्स, चांदी की पायल, बिछिया और बड़ी मात्रा में कैश भी चुराए। अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी टीम इस मामले में पुलिस ने तीन खरीददारों को भी गिरफ्तार किया है। जिनमें धर्मेन्द्र साहू (33), उमेश उर्फ पिंटू सोनी (35) और प्रकाश सोनी (38) शामिल हैं। ये आरोपी चोरी के जेवरात खरीदने और उन्हें खपाने का काम करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवरात, कैश 12,800 और कुल 7,15,820 मूल्य की संपत्ति जब्त की है। मुख्य आरोपी मनीष अमोरिया के खिलाफ पहले से अलग-अलग थानों में करीब 10 मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस मामले में अन्य आरोपी और चोरी के जेवर खरीदने वाले व्यापारियों की तलाश कर रही है।


