भास्कर न्यूज |लुधियाना ललकार ग्रुप से जुड़े एडवोकेट दिलजोत शर्मा की संदिग्ध मौत को करीब दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई न होने से नाराज परिवार और कई जन संगठनों ने सोमवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरना दिया और घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कथित सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच अब तक नहीं करवाई और न ही पोस्टमार्टम की विसरा रिपोर्ट मंगवाई गई है। उन्होंने कहा कि जांच में देरी से संदेह पैदा हो रहा है और आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। धरने के दौरान दिलजोत शर्मा की मां ने एलान किया कि वह पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर पक्का धरना देंगी। इसके बाद पुलिस अधिकारी हरकत में आए और प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की। एसीपी सुमित सूद मौके पर पहुंचे और भरोसा दिलाया कि 21 दिनों के भीतर मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी तथा आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। एक्शन कमेटी ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार दोबारा पक्का धरना देगा। प्रदर्शन में सीपीआई (एमएल) लिबरेशन, पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन, आरएमपीआई, प्रगतिशील महिला सभा, इसत्री जागृति मंच और आईसा समेत कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि गंभीर मामलों में निष्पक्ष जांच और समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने लोगों से इंसाफ की लड़ाई में एकजुट रहने की अपील की और चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


