दिलावर बोले- हर घर तक विज्ञान को पहुंचना हमारा लक्ष्य:अपेक्स विश्वविद्यालय में दो दिवसीय विज्ञान महोत्सव शुरू, 25000 वोल्ट ऊर्जा उत्पन्न कर वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रयास

जयपुर के अपेक्स विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के मौके पर दो दिवसीय विज्ञान महोत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, राजस्थान सरकार और विज्ञान भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। गुरुवार को कार्यक्रम का उद्घाटन शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, सांसद मंजू शर्मा और पद्मश्री नामित प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने किया। विज्ञान भारती के सचिव डॉ मेघेन्द्र शर्मा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव वी सरवन कुमार और अपेक्स यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन डॉ रवि जूनीवाल भी मौजूद रहे। महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न स्कूल और महाविद्यालयों के करीब 1000 विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक शामिल हुए। कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि रही रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री के सहयोग से कॉइन सेल तकनीक का प्रयोग। इस तकनीक से एक साथ 25000 वोल्ट ऊर्जा उत्पन्न कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया गया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। उन्होंने चंद्रयान-3 की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बना है। सांसद मंजू शर्मा ने भारत की युवा शक्ति की क्षमताओं पर विश्वास जताया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पद्मश्री प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सराहना करते हुए कहा कि विभाग प्रदेश में विज्ञान के प्रचार प्रसार के लिए अथक परिश्रम कर रहा है। उन्होंने कहा कि विज्ञान के सामने केवल तकनीक संबंधी चुनौतियां ही नहीं है बल्कि सामाजिक चुनौतियां भी हैं। आज हमें अपने विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को भी समर्थ बनाना होगा। राजस्थान अपनी संस्कृति और विरासत के लिए जाना जाता है लेकिन अब समय आ गया है जब इसे विज्ञान के क्षेत्र में भी अग्रणी बनना होगा। बच्चों के मन में जिज्ञासा जगाना एक बहुत बड़ा काम है जिसे हम सबको मिलकर करना होगा। अपेक्स विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमदेव शतांशु ने कहा कि वेदों का एक-एक शब्द विज्ञान पूर्ण है। वेदों का अध्ययन हमारे समाज को अग्रणी स्थान दिला सकता है। इस कार्यक्रम के दौरान एक विज्ञान प्रदर्शनी भी लगाई गई है जिसमें प्रदेश भर से आए विद्यार्थियों ने एक ईसीजी, होल्टर मॉड्यूल, चैट बॉट तथा एग्रो रोबोट जैसे आधुनिक नवाचार आधारित मॉडल प्रदर्शित किए।आज के कार्यक्रम में तीन तकनीकी सत्र भी आयोजित किए गए।जो एग्रीकल्चर, ग्लोबल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी एवं एनर्जी फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर आधारित थे। विज्ञान भारती के सचिव डॉ मेघेन्द्र शर्मा ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और विज्ञान भारती प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर यह आयोजन करता है। विज्ञान भारती का उद्देश्य है कि देश के ग्रामीण एवं शहरी युवाओं में छिपी हुई वैज्ञानिक प्रतिभा को निखार कर वैश्विक समाज की चुनौतियों को दूर कर युवक क्षमताओं का विकास किया जाए ।

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