दिल्ली-कर्नाटक समेत 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की घोषणा:EC बोला- अप्रैल से प्रक्रिया शुरू होगी; अभी 12 राज्यों में वोटर्स वेरिफिकेशन जारी

चुनाव आयोग ने गुरुवार को देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग के सचिव पवन दीवान ने 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को लेटर लिखकर SIR से जुड़ी तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा है। चुनाव आयोग ने लेटर में बताया कि दिल्ली, कर्नाटक सहित शेष 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है। लेटर में आगे कहा गया है कि चुनाव आयोग ने पिछले साल 24 जून को आदेश दिया था कि पूरे देश में SIR किया जाएगा। चुनाव आयोग ने पहले फेज में बिहार में SIR करवाया था। दूसरे फेज के तहत, 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 28 अक्टूबर 2025 से SIR जारी है। असम में, SIR के बजाय स्पेशल रिवीजन 10 फरवरी को पूरा किया गया था। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो। सेकेंड फेज: 3 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में फाइनल वोटर लिस्ट जारी दूसरे फेज के तहत, नौ राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 4 नवंबर 2025 से SIR शुरू हुआ था। इन सभी राज्यों में 50.99 करोड़ मतदाता हैं। राज्यों को SIR के बाद 7 फरवरी 2026 तक फाइनल वोटर लिस्ट जारी करनी थी। हालांकि, अब तक गुजरात, लक्षद्वीप और पुडुचेरी ही फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर पाए हैं। गुजरात में SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4.40 करोड़ लोग मतदाता के तौर दर्ज किए गए हैं। पुडुचेरी की फाइनल वोटर लिस्ट में 9,44,211 मतदाता और लक्षद्वीप में कुल 57,607 मतदाताओं के नाम हैं। राजस्थान को 14 फरवरी को अंतिम सूची जारी करनी थी, लेकिन पब्लिश डेट बढ़ाकर 21 फरवरी कर दी गई है। इससे पहले पश्चिम बंगाल की भी डेडलाइन बढ़ाकर 28 फरवरी और यूपी की 10 अप्रैल कर दी गई थी। —————————- SIR से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला-SIR में कोई रुकावट नहीं आने देंगे, बंगाल में फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश करने की डेडलाइन बढ़ाई सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि वह इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूरी खबर पढ़ें… 10 राज्य-UT डेडलाइन तक फाइनल वोटर-लिस्ट पब्लिश करने से चूके, लक्षद्वीप और पुडुचेरी ने मतदाता सूची जारी की देश के नौ राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत 7 फरवरी तक अपनी फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश नहीं कर सके। हालांकि, केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप और पुडुचेरी ने शनिवार को अपनी फाइनल इलेक्टोरल रोल प्रकाशित कर दी। पूरी खबर पढ़ें…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *