शहर में अब चोर तकनीक का उपयोग कर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। दिल्ली से कार में आए 5 शातिर चोरों ने सेंधमारी के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल किया। मोबाइल पर शहर के पॉश इलाके सर्च किए, फिर कार से बंद मकानों की रैकी की। सी-स्कीम क्षेत्र की भागीरथ कॉलोनी में 28 जनवरी की शाम ज्वेलरी व्यवसायी रचना सबीखी परिवार के साथ तीन घंटे के लिए बाहर गई थी। इस दरम्यान गिरोह के बदमाश मकान की कुंडी तोड़कर अंदर घुसे और सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। फिर तीन घंटे में मकान खंगाला और लोहे की अलमारी में रखे लाखों रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए। विधायकपुरी थाना, साइबर सेल और जिला स्पेशल पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई से वारदात का खुलासा हुआ। पुलिस ने दिल्ली के मयूर विहार व यूपी के बिजनौर से गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। तीन सदस्य अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने 25 लाख नकद और ज्वैलरी बरामद की है। दिल्ली में बार-बार पकड़े जा रहे थे, इसलिए जयपुर चुना
पुलिस उपायुक्त दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शान मोहम्मद उर्फ शानू (25) निवासी संजय कैम्प, त्रिलोकपुरी, दिल्ली और शकील अहमद निवासी चांदपुर बिजनौर (उत्तरप्रदेश) बेहद शातिर हैं। जयपुर आने से पहले दोनों ने दिल्ली में उसी मॉडल के कार की नंबर प्लेट चोरी की और अपनी गाड़ी पर लगा ली, ताकि सीसीटीवी और पुलिस ट्रैकिंग से बच सकें। शान मोहम्मद के खिलाफ चोरी, नकबजनी, मारपीट, आर्म्स एक्ट लूट सहित 35 प्रकरण दर्ज हैं। उसे कोर्ट से दो बार सजा भी हो चुकी है। इसी पैटर्न पर कई शहरों में वारदात की
थानाधिकारी नरेंद्र भडाना ने बताया कि बदमाशों के आने-जाने का रास्ता मैप करने के लिए इलाके और आसपास लगे करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। संदिग्ध कार की पहचान कर नंबर ट्रैक किए तो पता चला कि नंबर प्लेट 11 जनवरी को दिल्ली से चोरी की गई थी। इसके बाद तकनीकी सर्विलांस और दिल्ली पुलिस के सहयोग से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि गैंग अलग-अलग शहरों में इसी पैटर्न पर वारदात को अंजाम देता है। पुलिस अब फरार साथियों, रिसीवर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है।


