हिमाचल प्रदेश में दिल्ली पुलिस पर बुधवार को FIR दर्ज कर ली गई। दरअसल, दिल्ली पुलिस इंडियन नेशनल यूथ कांग्रेस के 3 कार्यकर्ताओं को शिमला से गिरफ्तार करके ले जा रही थी। तभी हिमाचल प्रदेश पुलिस ने इन्हें नाकेबंदी करके रोक लिया। इन कार्यकर्ताओं पर AI समिट में प्रदर्शन करने का आरोप है। देर रात तक ड्रामा चला। आरोपियों को मेडिकल के लिए रिपन अस्पताल ले जाया गया। आज गुरुवार को इन्हें ट्रांजिट रिमांड के लिए जिला कोर्ट में पेश किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर जिला कोर्ट परिसर में हिमाचल और दिल्ली पुलिस के बीच लंबी बातचीत हुई। इसके बाद शिमला पुलिस ने तीनों कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया। लेकिन जिला कोर्ट से करीब 6-7 किलोमीटर दूर शोघी में शिमला पुलिस ने उन्हें दोबारा रोक लिया। इस दौरान दोनों राज्यों की पुलिस के बीच काफी देर तक हंगामा और बहस होती रही। पूरे दिन हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। शिमला पुलिस का आरोप है कि उन्हें बिना सूचना दिए कुछ लोग सादे कपड़ों में 15 से 20 लोगों के साथ पर्यटकों को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जा रहे थे। पुलिस ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता के चांशल रिजॉर्ट में लगे CCTV कैमरों का DVR भी बिना रसीद दिए साथ ले जाया गया। इसी के बाद कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस के खिलाफ केस दर्ज किया गया। सिलसिलेवार पढ़े कैसे शुरू हुआ विवाद.. युवक एमपी-यूपी के, रोहड़ू के होटल में ठहरे थे गिरफ्तार किए गए यूथ कांग्रेस वर्कर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश हैं। इनके नाम अरबाज, सौरव और सिद्धार्थ हैं। इन्हें स्थानीय युवा कांग्रेस नेता ने रोहड़ू में एक निजी होटल में कमरा ठहराया था। AI समिट में प्रदर्शन मामले में कार्रवाई बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई AI समिट के दौरान टी-शर्ट उतारकर दिल्ली में प्रदर्शन मामले में की है। तीनों पर प्रदर्शन में शामिल होने का आरोप है। बताया जा रहा है कि वे छुपने के लिए शिमला के रोहड़ू पहुंचे थे।


