राजधानी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट में शामिल होने वाली इलेक्ट्रिक बसों की गुरुवार से ट्रायल शुरू हो गई। इसके लिए 9 मीटर और 12 मीटर वाली दो बसें आई हैं, जो तीन दिन तक चलेंगी। ट्रायल की रिपोर्ट एक माह बाद केंद्र और राज्य सरकार को मिलेगी, लेकिन 9 मीटर वाली लो-फ्लोर बस दिव्यांग ट्रायल में फेल हो गई। दरअसल, बसों में दिव्यांगों के चढ़ने के लिए एग्जिट गेट के पास हाइड्रोलिक व्हीलचेयर है। ट्रायल में व्हीलचेयर का गेट ही नहीं खुला। इंजीनियर-अधिकारी 15 मिनट प्रयास करते रहे, लेकिन सफल नहीं हुए। बाद में 12 मीटर की लो-फ्लोर बस में लगी हाइड्रोलिक व्हीलचेयर का डेमो मीडिया के सामने दिया गया। 12 मीटर बस 200 व 9 मीटर बस 186 किमी दौड़ी दावा- मार्च में चला देंगे बसें, हकीकत जून तक ही चलेंगी जेसीटीएसएल अधिकारियों का दावा है कि ई-बसें मार्च में शुरू कर देंगे। बसें जून तक ही संचालित होंगी, क्योंकि बगराना-टोडी डिपो में चार्जिंग स्टेशन ही तैयार नहीं हुए। टोडी डिपो में तो सिविल वर्क ही चल रहा है। बगराना में चार्जिंग स्टेशन तैयार नहीं।


