‘दुनिया में कोई ताकत नहीं, जो हमारी श्रद्धा-भक्ति मिटा सके’:राज्यपाल बोले- ज्ञान, कौशल और चरित्र राष्ट्र की प्रगति का आधार; स्टूडेंट्स को बांटी डिग्रियां

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का कहना है कि दुनिया में कोई ताकत नहीं है, जो सनातन संस्कृति के प्रति हमारी श्रद्धा और भक्ति को मिटा सके। इसी श्रद्धा के कारण ये संस्कृति सुरक्षित है। महाभारत ओर रामायण जैसे ग्रंथ इसी सनातन संस्कृति के प्रतीक हैं। दरअसल, राज्यपाल शुक्रवार को भीलवाड़ा स्थित संगम यूनिवर्सिटी के 12वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। समारोह में 30 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल दिए गए। इसके बाद राज्यपाल बागडे हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह में पहुंचे और श्रीमद भागवत महापुराण कथा सुनीं। राज्यपाल बागड़े ने सनातन मंगल महोत्सव को एतिहासिक आयोजन बताते हुए कहा कि सनातन संस्कृति दुनिया की सबसे प्राचीन और समावेशी सोच रखने वाली है। इस तरह के आयोजन सनातन संस्कृति को मजबूत बनाने वाले है। आठवीं सदी से ही सनातन संस्कृति को नष्ट करने के कई प्रयास होते रहे, लेकिन आक्रमणकारी कभी सफल नहीं हो पाए। ‘गुरुकुल ओर विश्वविद्यालय खत्म कर दिए, जिससे सनातन के प्रति श्रद्धा नष्ट कर सके’ राज्यपाल ने कहा कि हमारे गुरुकुल ओर विश्वविद्यालय खत्म कर दिए, जिससे सनातन के प्रति श्रद्धा नष्ट कर सके पर भारत में ऐसा कभी नहीं हो पाया। बप्पा रावल ने मोहम्मद बिन कासिम को खदेड़ दिया। आज की रावलपिंडी उन्हीं बप्पा रावल की है। हमारे साधु संतों के सनातन संस्कृति ओर धर्म को बचाने का कार्य करने से ये सदा सुरक्षित रही। बाबर के लोगों ने श्रीराम का मंदिर गिराया पर उनके प्रति हमारी श्रद्धा को मिटा नहीं पाया। राज्यपाल ने व्यास पीठ पर विराजित श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर का अभिनंदन करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इससे पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा – वर्तमान समय में बौद्धिक क्षमता व गुणवत्ता युक्त शिक्षा की अहम भूमिका है। इससे मानवीय व्यवहार व आचरण को बेहतर बनाने में अमूल्य साबित होगी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के केंद्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,अनुसंधान, नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में उत्कृष्टता के मानक स्थापित करें। इस अवसर पर उन्होंने सभी को छत्रपति शिवाजी राव के जीवन मूल्यों पर चलने का संदेश दिया। राज्यपाल ने कहा- ज्ञान, कौशल एवं चरित्र- ये तीनों तत्व किसी भी राष्ट्र की प्रगति के आधार स्तंभ हैं। युवा शक्ति को इन मूल्यों के साथ आगे बढ़ते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। आज स्वयं की जड़ों को मजबूत रखना जरूरी सांसद दामोदर अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि आज के समय में स्वयं की जड़ों को मजबूत रखना जरूरी है। जीवन मूल्यों, परंपराओं को साथ लेकर चले। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने में सभी युवा वर्ग अपना सहयोग प्रदान करें। 30 स्टूडेंट्स को स्वर्ण पदक, 31 शोधार्थियों को उपाधियां राज्यपाल बागड़े ने समारोह में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के 30 स्नातक, स्नातकोत्तर व डिप्लोमा के विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक व 31 शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान की। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह शैक्षणिक उपलब्धि का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो विद्यार्थियों को जीवन के नए अध्याय में प्रवेश का अवसर प्रदान करता है। भाषाई दक्षता को मजबूत करना आवश्यक समारोह में आईआईएम इंदौर के प्रोफेसर पीके सिंह ने कहा कि आज के समय में भाषाई दक्षता को मजबूत करना आवश्यक है। वर्तमान युग में तकनीक तीव्र गति से बदल रही है। उन्होंने सभी को तकनीकी विकास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर शैक्षणिक शोभायात्रा निकाली गई साथ ही शुभारम्भ के अवसर पर दीप प्रज्ज्वलन व राष्ट्रगान का गायन हुआ। इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स द्वारा राज्यपाल बागड़े को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कुलसचिव आलोक कुमार ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। ये रहे मौजूद दीक्षांत समारोह में पूर्व सांसद सुभाष बहेडिया, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, विश्वविद्यालय के बोर्ड सदस्यगण, प्राध्यापकगण, अभिभावक एवं विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इससे पूर्व जिला पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पहुंचने पर जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू व एसपी धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधियो ने बुके देकर व उपरणा ओढ़ाकर राज्यपाल बागडे का स्वागत अभिनंदन किया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *