दुर्गा महाविद्यालय के 75 वर्ष पूरे होने पर एलुमिनी समिति और महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में कला वाटिका और एलुमिनी मीट का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. संजीव शुक्ला आयुक्त छत्तीसगढ़ पुलिस ने अतिथियों के साथ रिबन काटकर उद्घाटन किया। इसके बाद छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए गए वर्किंग और नॉन-वर्किंग मॉडल का अवलोकन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पूजा के साथ हुई। संचालन डॉ. अजय शर्मा ने किया। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य डॉ. प्रतिभा मुखर्जी साहूकार, उप प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र अग्रवाल, शासकीय निकाय अध्यक्ष शेखर राव अमीन और एलुमिनी अध्यक्ष संतोष अग्रवाल सहित महाविद्यालय परिवार ने किया।
अतिथियों ने दी प्रेरक सीख
अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. प्रतिभा मुखर्जी साहूकार ने कहा कि महाविद्यालय शिक्षा के साथ खेल और कला में भी अग्रणी है। शेखर राव अमीन ने शिक्षकों को ‘डायमंड’ बताया। पद्मश्री मदन चौहान ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया, वहीं डॉ. संजीव शुक्ला ने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर मेहनत और ईमानदारी से आगे बढ़ने की सीख दी।
पंडवानी प्रस्तुति से बंधा समां
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय पंडवानी गायिका डॉ. उषा बारले ने महाभारत के चीरहरण प्रसंग की प्रस्तुति दी, जिसे सभी ने सराहा। अंत में एलुमिनी अध्यक्ष संतोष अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। समारोह में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और पूर्व छात्र उपस्थित रहे।


