दुर्ग्याणा तीर्थ में एक महीना चलने वाले खिचड़ी भोग में मुख्य श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के सभी विग्रहों का अलग-अलग स्वांग रचा। मंदिर कमेटी की ओर से लगवाए जा रहे खिचड़ी भोग में मुख्य पंडित ओम प्रकाश जी ने अन्य पंडितों से मिलकर सभी विग्रहों का भव्य श्रृंगार किया। सुबह मंदिर खुलते ही पंडितों ने मंत्रोच्चारण से प्रभु की पूजा-अर्चना की। इसके बाद श्री नारायण जी को नरसिंह रूप धारण करवाया। जिसमें भगवान ने अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा को गर्म खंभे से नरसिंह का भेष धारण किया।
वहीं कृष्ण मंदिर में भगवान ब्रह्मा जी पधारे और उन्होंने राधा कृष्ण का विवाह संपन्न करवाया। जबकि राम दरबार में माता सीता ने अपने प्रभु श्री राम को खुश करने के लिए मांग में सिंदूर लगाया। जिसे देखकर राम भक्त श्री हनुमान जी ने भी अपने प्रभु को खुश करने को सारे शरीर पर सिंदूर लगाने का स्वांग रचाया। इसी दौरान पंडितों ने भगवान को देसी घी की मीठी खिचड़ी का भोग लगाया। पंडित ओम प्रकाश महाराज का कहना है कि मकर संक्रांति तक चलेगा। इसी तरह भगवान को स्वांग रचकर खिचड़ी भोग लगाया जाएगा।


