दुर्ग में हर दिन 50 टन सूखा कचरा अलग करेगी अत्याधुनिक मशीन

सिटी रिपोर्टर| दुर्ग निगम क्षेत्र के लोगों को लिए राहत भरी खबर है। अब शहर में हर रोज निकलने वाले 50 टन सूखा कचरा अलग-अलग करने के लिए मशीनें लगाई जा रही है। 1.62 करोड़ लागत की पहली अत्याधुनिक ट्रॉमिल मशीन धमधा एसएलआरएम सेंटर में स्थापित किया जा चुका है। ट्रांसफार्मर लगने के बाद उसका नियमित इस्तेमाल शुरू होगा। दो मशीनें और लगाई जाएंगी। इसके लिए स्थान तय किया जाना बाकी है। शहर की आबादी बढ़ती जा रही है। उसके साथ ही प्रतिदिन कचरा निकलने की मात्रा भी बढ़ती जा रही है। वर्तमान में शहर से हर रोज 120 टन कचरा निकलता है। इसमें 50 टन कचरा सूखा होता है। सूखा कचरा में कई तरह की वस्तु शामिल होती है। इसमें प्लास्टिक, झिल्ली और अन्य ठोस वस्तु शामिल होते हैं। अब तक सूखे कचरे में शामिल वस्तुओं को मैनपावर की मदद से अलग-अलग किया जाता रहा है, लेकिन मैनपावर की संख्या इतनी नहीं है कि सभी सूखे कचरे को अलग-अलग किया जा सके। इस वजह से आधा कचरा मौके पर ही जमा रहता है। इससे कचरे का ढेर बढ़ता जा रहा है। शहर में ऐसे कई स्थानों पर घोषित और अघोषित ट्रेंचिंग ग्राउंड है जहां कचरे के ढेर से उठने वाली बदबू से लोग परेशान है। इसे ध्यान में रखते हुए निगम प्रशासन ने केवल तीन एसएलआरएम सेंटर स्थापित करने जा रही है। वहीं सूखे कचरे को अलग-अलग करने के लिए ट्रॉमिल मशीन स्थापित कर रही है। पहली मशीन धमधा एसएलआरएम सेंटर स्थापित में किया गया। मशीन को आपरेट करने के लिए बिजली की डिमांड अधिक होगी। लिहाजा निगम ने बिजली कंपनी में ट्रांसफार्मर लगाने के लिए आवेदन कर दिया है। ट्रांसफार्मर लगने में समय लगेगा। लिहाजा मशीन का ट्रायल जनरेटर लगाकर किया गया। इस मशीन का इस्तेमाल शुरू होने से लैंड फिल में जाने वाले कचरे की मात्रा में कमी आएगी तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास का दावा किया जा रहा है। जमीन विवाद में अटके 3 एसएलआरएम सेंटर शहर में निकलने वाले कचरे का निष्पादन करने के लिए शहर में 11 एसएलआरएम सेंटर है। इनमें से दो सेंटर की मशीनें खराब होने की वजह से पहले ही बंद है। यानि केवल 9 एसएलआरएम ही चालू हालत है। मशीनें भी पुरानी होने की वजह से कचरे का निष्पादन धीमी गति से हो पाता है। वहीं शहर की आबादी हर साल बढ़ने के साथ ही प्रतिदिन निकलने वाली कचरे की मात्रा भी बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए निगम प्रशासन तीन और एसएलआरएम सेंटर पोटिया, उरला बघेरा में स्थापित करने की तैयारी है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसकी भनक लगते ही लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। प्रक्रिया होने के बाद भी निर्माण शुरू करने पर संदेह है।

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