दुर्ग पुलिस ने साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर सेल और सुपेला थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 26 प्रकरणों से जुड़े संदिग्ध खातों का खुलासा हुआ है। इस दौरान एक म्यूल अकाउंट संचालित करने वाले आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है। साइबर सेल दुर्ग ने जिले में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामलों की समीक्षा की। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम विभिन्न बैंकों के खातों में जमा की जा रही थी और फिर चेक के साथ अन्य बैंकिंग माध्यमों से निकाली जा रही थी। जांच में 6 खाताधारकों के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा विशेष अभियान के तहत गठित टीम ने 6 खाताधारकों की पहचान कर उनसे पूछताछ की। जांच में पता चला कि एक बैंक खाता अकेले 26 अलग-अलग शिकायतों से जुड़ा है। वहीं, एक अन्य खाते में 13 लाख रुपए के संदिग्ध लेन-देन का पता चला। इसके अतिरिक्त, 15 हजार, 38 हजार 800 रुपए से लेकर 50 लाख रुपए तक की रकम के संदिग्ध ट्रांजेक्शन भी सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, इन खातों का उपयोग ठगी की रकम निकालने और उसे आगे ट्रांसफर करने या नकद निकासी के लिए किया गया था। दुर्ग में बैंक खातों की जांच में छह लोग शामिल जांच के दायरे में आए खाताधारकों में रूपेश बंजारे, आजेंद्र साहू, जावेद शेख, सरस्वती निषाद, हेमा बिनानी और अभिषेक गुप्ता (सभी निवासी दुर्ग) शामिल हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। संबंधित बैंक खातों के दस्तावेज, चेक और लेन-देन से जुड़े अभिलेख जब्त किए गए हैं। कुछ मामलों में पहले से अपराध दर्ज हैं, जबकि अन्य में नए अपराध दर्ज कर जांच जारी है। इस बीच, सुपेला थाना पुलिस ने गृह मंत्रालय के ‘समन्वय पोर्टल’ से मिली सूचना के आधार पर एक म्यूल अकाउंट संचालित करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस खाते में 3.05 लाख रुपए की ठगी की रकम जमा की गई थी। बैंक अकाउंट ठगी के लिए हो रहा था इस्तेमाल जांच में सामने आया कि एचडीएफसी बैंक सुपेला शाखा में रूपेश बोबड़े (32 वर्ष), निवासी जुनवानी, सुपेला ने एक बैंक खाता खुलवाया था। 1 जून 2025 से 11 फरवरी 2026 के बीच इस खाते में 3,05,273 रुपए की संदिग्ध ऑनलाइन राशि जमा हुई। पुलिस के मुताबिक यह खाता ऑनलाइन ठगी की रकम प्राप्त करने के उद्देश्य से उपयोग किया जा रहा था। आरोपी खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।


