दुर्ग जिले के अमलेश्वर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े जुआ अड्डे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कृष्णा वाटिका रिसॉर्ट में छापा मारकर 16 जुआरियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में 25 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है, जिसमें लाखों रुपए नकद, मोबाइल फोन और लग्जरी वाहन शामिल हैं। यह कार्रवाई अमलेश्वर पुलिस और एसीसीयू टीम की संयुक्त पहल थी। पुलिस को 1 मार्च 2026 को सूचना मिली थी कि अमलेश्वर क्षेत्र स्थित कृष्णा वाटिका रिसॉर्ट में कुछ लोग ताश के पत्तों पर बड़ी रकम का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने पहले गोपनीय तरीके से इसकी पुष्टि की। पुष्टि के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से रिसॉर्ट में दबिश दी। पुलिस टीम के पहुंचते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन घेराबंदी कर 16 आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। सभी आरोपी ताश के पत्तों पर नकद राशि का दांव लगाते हुए पाए गए। छापेमारी में 3.59 लाख नकद और 22 मोबाइल जब्त छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से कुल 3,59,470 रुपए नकद बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त, 22 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, इन मोबाइल फोन का उपयोग जुआ संचालन और आपसी संपर्क के लिए किया जा रहा था। जुआ अड्डे से 3 बाइक और 3 कार जब्त मौके से तीन मोटरसाइकिल और तीन चारपहिया वाहन भी जब्त किए गए। इन वाहनों की अनुमानित कीमत 25 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। पुलिस ने आशंका जताई है कि यह जुआ अड्डा लंबे समय से संचालित हो रहा था। गिरफ्तार आरोपियों में रायपुर और दुर्ग जिले के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं। इनके नाम रोहित निर्मलकर, नरेश सोनकर, प्रमोद वर्मा, मुकेश कुमार धीमर, संजू सोनकर, नारायण टंडन, डिजेन्द्र निर्मलकर, पुनीत राम साहू, विनोद अमरदास, शुभम चंद्राकर, गोपाल सोनकर उर्फ गोपी, मनीष साहू उर्फ गुड्डू, सोनू साहू उर्फ दुर्गेश, सत्यनारायण साहू, संजय साहू और महेंद्र साहू हैं। सभी 16 आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।


