भास्कर न्यूज| धमतरी समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी पूरी हो चुकी है। धान खरीदी को 15 दिन बीत चुके हैं। इसके बाद भी केंद्रों में बफर लिमिट से ज्यादा धान रखा हुआ है। जिले के 53 केंद्रों में बफर से लिमिट से ज्यादा धान पड़ा हुआ है। धीमी गति से उठाव के कारण केंद्रों में खुले में धान रखा गया है। इधर, धमतरी के राइस मिलर दूसरे िजले का धान का उठाव भी करने लगे हैं। बीजापुर और मोहला मानपुर से धान का उठाव किया जा रहा है। इसके लिए 11 हजार 521 टन का डीओ भी जारी किया जा चुका है। जिले के केंद्रों से धान का उठाव धीमी गति से होने के कारण समिति प्रबंधकों को सूखत की चिंता सता रही है। खुले में धान रखे होने के चलते नुकसान की भी आशंका है। कस्टम मिलिंग के बाद चावल को रखने जगह नहीं होने के कारण फरवरी माह में राज्य द्वारा फरवरी और मार्च महीने का राशन एक साथ दिया जा रहा है। इससे गोदाम खाली भी किए जा रहे हैं। जिले में सबसे ज्यादा भाठागांव, चिंवरी, दरबा, बगौद, खिसोरा, कोड़ेबोड़, करगा, सिवनीकला, सेमरा, अंवरी, नगरी ब्लाक के गढ़डोंगरी, बेलरगांव, फरसियां, बेलरबाहरा, डोंगरडूला, घुरावड़, रिसगांव में बफर लिमिट से अधिक धान पड़ा हुआ है। केंद्रों में धान उठाव की गति धीमी है। जिले में 59.64 लाख क्विंटल समर्थन मूल्य में धान खरीदा गया है, जिसमें से मिलर को 32 लाख क्विंटल का डीओ जारी हो चुका है। 27 लाख क्विंटल धान का उठाव किया गया है। 12 लाख क्विंटल का टीओ भी जारी हुआ। केंद्रों में 21 लाख क्विंटल धान पड़ा हुआ है। 192 प्रकरणों में 2.52 करोड़ का धान जब्त : समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 15 नवंबर से शुरू हुई, जो 31 जनवरी तक चली। इस बीच अवैध रूप से धान रखने व अवैध रूप से बेचते हुए लोगों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान कुल 192 प्रकरण बने, जिसमें से 10 हजार 662 क्विंटल धान जब्त किया गया था। इसमें 2 वाहनों की जब्ति भी की गई थी। कुल राशि 2 करोड़ 52 लाख 59 हजार रुपए है। जिले में 1.01 लाख किसानों ने किया रकबा समर्पण धान खरीदी के दौरान किसानों द्वारा रकबा समर्पण किया गया था। कई किसानों के पास धान बेचने के लिए नहीं होने के चलते रकबा समर्पण किया, वहीं कई किसानों को बारिश से नुकसान होने के कारण पर्याप्त मात्रा में धान बेचने के लिए नहीं था। अधिकारियों की टीम ने किसानों से िमलकर धान बेचे जाने की जानकारी ली, उपलब्ध नहीं होने पर रकबा समर्पण कराया गया। जिले में कुल 1 लाख 1 हजार 968 किसानों ने 6 हजार 999 हेक्टेयर रकबा समर्पण किया है।


