जिले में रविवार देर रात और सोमवार अल सुबह मावठ की बरसात हुई। हालांकि यह बरसात खेतों और शहर को फुहार के रूप में भिगोने वाली थी, लेकिन इससे फसलों को खूब फायदा हुआ। इन दिनों खेतों में गेहूं, जौ, चना, सरसों की फसल है। पानी की कमी से किसान परेशान थे। यह बरसात इन किसानों के लिए उपयोगी साबित होगी। इस बरसात से किसान खुश हैं। वहीं शहरी इलाके में मौसम बेहद सर्द हो गया है। पिछले कई दिन से इलाके में धूप खिल रही थी। कोहरा भी नहीं आया था। आम तौर पंद्रह दिसंबर के बाद इलाके में तेज कोहरा पड़ता है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। अब एक दो दिन में कोहरा पड़ने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि सोमवार सुबह तक मौसम साफ बना हुआ था।
रविवार को देर शाम तक मौसम साफ था, इसके बाद अचानक बादल छाए और देर रात बरसात शुरू हो गई। सोमवार को न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस बना हुआ था वहीं मंगलवार को इसमें और कमी आने की संभावना है। इस दौरान इलाके में विजिबिलिटी भी कम हो सकती है। इस बरसात से गेहूं, जौ और चना की फसलें बढ़ेंगी वहीं किन्नू और गाजर में मिठास और रंगत आएगी। एक्सपर्ट्स के अनुसार इलाके में एक कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस बना और इसी के असर से मोसम में अचानक यह बदलाव आया है । मौसम विभाग ने 26 दिसंबर को एक और एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की आशंका जताई है। ऐसे में अगले चौबीस घंटे और इसके बाद के करीब एक सप्ताह तक मौसम ऐसा ही बना रहने की संभावना है।


