भास्कर न्यूज|गिरिडीह देवरी प्रखंड की कोसोगोंदो दिघी पंचायत में मनरेगा योजना में भारी गड़बड़ी सामने आई है। यहां खुलेआम जेसीबी से डोभा की खुदाई कर फर्जी मास्टर रोल भरा जा रहा है। इस पंचायत में फिलहाल मनरेगा की 100 से अधिक योजनाओं का डिमांड खुला हुआ है। जिसमें 75 सिर्फ डोभा का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन अधिकांश डोभा की खुदाई जेसीबी से की जा रही है। क्योंकि डोभा का निर्माण बरसात के पूर्व ही करना है। लिहाजा बिचौलिया ताबड़तोड़ जेसीबी से डोभा की खुदाई में जुटे हैं। जबकि मनरेगा अधिनियम के तहत इसमें निबंधित मजदूरों से ही खुदाई करानी है, ताकि उसे रोजगार मिल सके। लेकिन यहां मजदूरों का जॉब कार्ड बिचौलिया अपनी बाइक की डिक्की में लेकर घूमते हैं। जेसीबी से डोभा की खुदाई करने के बाद फर्जी मास्टर रोल भरा जाता है और फिर उसका भुगतान भी ले लिया जाता है। इसमें मजदूरों को पता तक भी नहीं होता है। इन सवालों के साथ स्थानीय निवासी सह आरटीआई कार्यकर्ता पवन कुमार राय ने डीसी को सबूत के साथ पत्र देकर पूरे मामले के जांच की मांग की है। जिसमें कहा गया है कि पंचायत के मुखिया, रोजगार सेवक और मनरेगा कर्मियों की मिलीभगत से बिना काम कराए लाखों रुपये की अवैध निकासी की गई है। कहा है कि 9 अप्रैल को देवरी बीडीओ से शिकायत की गई थी, पर उन्होंने कुछ भी पहल नहीं की। अंत में मुख्यालय में डीसी से शिकायत करना पड़ा। कई डोभा का फर्जी जियो टैग कर दोबारा भुगतान की कोशिश पवन ने कहा है कि पंचायत में डोभा की खुदाई जेसीबी से पहले ही करवा ली गई। बाद में स्वीकृति ली गई और अब दोबारा अवैध निकासी की तैयारी हो रही है। जेसीबी से कटे डोभा में डिमांड चला कर भुगतान भी कर दिया गया। जिन मजदूरों के नाम पर भुगतान हुआ है, वे न तो योजना स्थल पर गए, न ही कभी काम किया। उन सभी योजनाओं की सूची भी संलग्न की गई है, जिसमें 9 अप्रैल से अब तक डिमांड चला है। योजना कोड और जिओ टैग से मिलान करने पर साफ होगा कि डोभा पहले ही जेसीबी से कट चुका था। डोभा की खुदाई शुरू होने से पहले की लोकेशन फोटो भी उपलब्ध है, जो यह साबित करता है कि योजना शुरू होने से पहले ही काम हो चुका था। इसके अलावा पंचायत में अब तक 5% योजनाओं में भी बोर्ड नहीं लगाया गया है। इससे स्पष्ट है कि एक ही योजना को बार-बार दिखाकर पैसा निकाला जा रहा है। लिहाजा इसकी जांच की जाए बड़ा स्कैम सामने आएगा। लेकिन जांच के दौरान स्थानीय मुखिया को शामिल नहीं करने की मांग की गई है। भुगतान पर लगाई जाएगी रोक : मुखिया इधर, मुखिया धनेश्वर यादव ने कहा कि इस गड़बड़ी के लिए सिर्फ वही नहीं बल्कि अन्य लोग भी दोषी हैं। वैसे फिलहाल गड़बड़ी की जानकारी उन्हें नहीं है। जेसीबी से जिस डोभा की खुदाई की जा रही है, उसके भुगतान पर रोक लगाया जाएगा और कार्रवाई के लिए भी ऊपर लिखा जाएगा।


