देवास में महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार देर शाम संस्था नमो नमो द्वारा भव्य शिव बारात निकाली गई। यह बारात स्थानीय सयाजीद्वार से शुरू होकर नागेश्वरी मंदिर तक पहुंची। इसमें पहली बार उज्जैन की शाही सवारी की तर्ज पर बाबा महाकाल गजराज पर सवार होकर निकले, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। शिव बारात को विशेष रूप से आकर्षक स्वरूप दिया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के कलाकार शामिल हुए। केरल की प्रसिद्ध ढोल पार्टी, गुजरात की महिलाओं की डमरू टोली, उत्तर प्रदेश की सजीव झांकियां, रतलाम की चलित झांकियां और बेरसिया के कलाकारों द्वारा देवताओं की जीवंत प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। झाबुआ की वनवासी टोली ने भी शिव बारात में विशेष प्रस्तुतियां दीं। भगवान भोलेनाथ द्वारा माता पार्वती को ब्याहने के लिए प्रस्थान करने के सजीव दृश्यों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया। देर रात तक शहर की सड़कों पर लोग इन जीवंत झांकियों का लुत्फ उठाते रहे। संस्था संयोजक राजेश यादव ने बताया कि 13 वर्ष पहले शिव बारात का आयोजन बहुत छोटे स्तर पर शुरू किया गया था, लेकिन अब इसने भव्य स्वरूप ले लिया है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य यात्रा के माध्यम से पूरे देश की संस्कृति को देवास में लाना है। इस वर्ष भी केरल, उत्तर प्रदेश और गुजरात के कलाकारों ने इसमें शामिल होकर प्रस्तुतियां दीं। इस शिव बारात से पूरे देवास का वातावरण शिवमय हो गया।


