अपहरण मारपीट और वसूली के मामले को लेकर आज बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदोरिया ने बताया कि पूरे मामले में सात आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। एडिशनल एसपी ने बताया कि फरियादी को एक महिला ने मित्र बनाकर झांसे में अपने साथियों को बुलाकर मारपीट की और अपहरण कर फिरौती मांगी। आरोपियों ने फरियादी से 30 लख रुपए की मांग की थी जिसमें से फरियादी ने 5 लाख रुपए उन्हें नगद दे दिए थे इसके अलावा 52 हजार 500 की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की थी। मामले में हर्षवर्धन योगी, गोविंद उर्फ राज केसरिया, कीशिता उर्फ इशिका जोशी, गौरव मेवाड़ा, राज परमार, देव बनेले और अभिषेक मलिक को गिरफ्तार किया गया है। इनसे 4 लाख की राशि जब्त की है। घटना में प्रयुक्त वाहन व हथियार भी जब्त किए गए हैं। यह है मामला
दरअसल, जिला अस्पताल के एक कर्मचारी को एक युवती से दोस्ती करना महंगा पड़ गया। युवती ने पहले तो मोठी-मीठी बातें कर कर्मचारी को सोशल मीडिया के माध्यम से अपने जाल में फंसाया, बाद में उसे मिलने बुलाया। यहां युवती ने अपने करीब आधा दर्जन साथियों को बुलाया और कर्मचारी का अपहरण कर बंधक बनाया। घंटों तक कार में बैठाए रखा और मारपीट की। मारपीट व जबरन वसूली के शिकार कर्मचारी को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, उसने घटना की जानकारी अपने परिवार को भी स्पष्ट रूप से नहीं दी थी, घटना 12 फरवरी की दोपहर में राजोदा बायपास चौराहा से कुछ दूरी पर कृष्णा ग्रीन कालोनी के पास हुई थी


