देवघर जिले में स्थित देवीपुर में 120 करोड़ रुपए की लागत से बना प्लास्टिक पार्क आवंटन के अभाव में बंद पड़ा है। गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा है। सांसद निशिकांत दुबे के अनुसार, राज्य सरकार पिछले तीन वर्षों से पार्क का आवंटन नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह धारणा गलत है कि इसमें उनके रिश्तेदारों को लाभ मिलेगा। जांच में पता चला है कि आवेदकों में एक भी ब्राह्मण नहीं है। 40 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए 150 एकड़ जमीन आवंटित की है। पार्क के शुरू होने से लगभग 40 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। राज्य सरकार को इसके लिए जिडको की देखरेख में एसपीवी (स्पेशल पर्पज व्हीकल) का गठन करना है। इस पार्क में घरेलू उपयोग के प्लास्टिक सामान के साथ ऑटोमोबाइल और टेलीकम्युनिकेशन उद्योग में प्रयोग होने वाले प्लास्टिक उत्पाद बनेंगे। केंद्र सरकार परियोजना के लिए 40 करोड़ रुपए का अनुदान देगी। यह राशि एसपीवी को मिलेगी। सांसद का कहना है कि पार्क के शुरू होने से देवीपुर और शंकरपुर का विकास होगा। साथ ही सीपेट में केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी शुरू होगी। इस परियोजना से राज्य की पहचान प्लास्टिक हब के रूप में बनेगी।


