लगातार बढ़ रहे साइबर क्राइम पर देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम की कोई सीमा नहीं है। मैं भी साइबर क्राइम से नहीं बच सका। हर दूसरे दिन उनके नाम से फर्जी साइट्स बन जाती हैं और उनके फोटो उनमें डाल दिए जाते हैं। उनके एक-दो शुभचिंतक हैं, जो मोबाइल पर मैसेज भेज देते हैं और कहते हैं कि आपके नाम पर नई साइट बनी है। ऐसी ही फर्जी साइट्स से उनकी बेटी व बहन को भी मैसेज भेजा गया। पुलिस को बताया तो पता चला कि ये साइट्स नाइजीरिया में बन रही हैं। साइबर क्राइम केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए ही गंभीर मुद्दा है। उनके पास एक बुजुर्ग दंपत्ति की डिजिटल अरेस्ट की शिकायत आई थी। जिनकी पूरी जमा पूंजी चली गई। उन्होंने स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लिया और अभी भी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सीजेआई सूर्यकांत ने शुक्रवार को रालसा की ओर से आयोजित तीन दिवसीय ‘साइबर सुरक्षा व जागरूकता और न्याय तक’ पहुंच सेमीनार के शुभांरभ के मौके पर कही। उन्होंने कहा कि साइबर फ्राड पर गृह मंत्रालय भी चेता रहा है। देशभर में साइबर फ्राड के 66 लाख शिकायत लंबित हैं। इसके अलावा लोगों के 55 हजार करोड़ रुपए को साइबर फ्रॉड के जरिए ठगा जा चुका है। फेक इमेज से किसी भी व्यक्ति की रेपुटेशन को गिरा दिया जाता है। हम सभी जब तक मिलकर साइबर क्राइम को रोकने का प्रयास नहीं करेंगे तब तक समाधान मुश्किल है। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग भी कोर्ट की कार्यप्रणाली को सुलभ बनाने के लिए करना चाहिए। अपराध जमीन पर हो या स्क्रीन पर न्याय जरूर मिलेगा
कार्यक्रम में सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि साइबर क्राइम रोकने के लिए साइबर कोर्ट खुलेगी। कोई क्राइम जमीन पर करे या स्क्रीन के पीछे करे, सजा उसे जरूर मिलेगी। न्याय भी सुलभ हो और सुरक्षा भी सुलभ हो। अब साइबर क्राइम के नए रूप भी सामने आ रहे हैं, एक सेकेंड में ही लोगों के रुपए लूट लिए जाते हैं, बुजुर्ग को कोई फोन आता है तो वह जमा पूंजी गवां देता है। महिला व युवा भी इसमें फंस जाते हैं। साइबर सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार गंभीरता से काम कर रही है। लेकिन साइबर क्राइम को रोकने के लिए आमजन में इसको लेकर जागरूकता भी जरूरी है। इस मौके पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और डिप्टी सीएम दिया कुमारी भी मौजूद थीं।


