देहरादून में दिल्ली नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे पेंट से कुछ लोगों ने लिखा- ‘मुसलमानों के लिए यह रोड नहीं है।’ इसके अलावा अंग्रेजी में लिखा- ‘This road is not allowed for Muslims.’ घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। 57 सेकेंड के इस वीडियो में तीन लोग दिखते हैं, जिनमें से दो युवतियां हैं। एक युवक फोन से वीडियो बनाता हुआ दिखता है। इसके बाद हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने न केवल इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया, बल्कि इसकी पूरी जिम्मेदारी भी ली है। महिलाओं ने सड़क पर लिखा- ‘This road is not allowed for Muslims’ सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में हिंदू रक्षा दल की दो महिलाएं गुरुवार देर शाम नेशनल हाईवे-72A (एलिवेटेड रोड) पर पहुंचती हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक महिला गले में भगवा गमछा डालकर सीमेंटेड ब्लॉक पर अंग्रेजी में लिख रही है- ‘This road is not allowed for Muslims.’ दूसरी महिला किनारे लगे शेड पर हिंदी में लिख रही है कि यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं है। घटना देहरादून के सहारनपुर बॉर्डर के मोहण्ड के पास बने एलिवेटेड रोड की है। प्रदेश अध्यक्ष ने ली जिम्मेदारी, दी खुली चेतावनी हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने न केवल इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया, बल्कि इसकी पूरी जिम्मेदारी भी ली है। ललित शर्मा का दावा है कि नेशनल हाईवे हिंदुओं के टैक्स से बनता है और “जिहादी” टैक्स नहीं देते, इसलिए उन्हें इस पर चलने का अधिकार नहीं है। पोस्ट में चेतावनी देते हुए लिखा गया है कि नेशनल हाईवे पर मुसलमानों को चलने नहीं दिया जाएगा। ललित शर्मा बोले- टैक्स हम देते हैं, अधिकार हमारा दैनिक भास्कर से फोन पर हुई बातचीत में ललित शर्मा ने अपने रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि हिंदू ही भारत में टैक्स देते हैं, इसलिए नेशनल हाईवे का इस्तेमाल करने का अधिकार भी केवल हमें है। सहारनपुर के बिहारी गढ़ थाना प्रभारी अक्षय शर्मा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। मुकदमा दर्ज किया गया है। हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले- मुसलमानों के लिए सड़कें नहीं हैं हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने कहा कि दिल्ली-देहरादून हाईवे जो बना है, उस पर हमारे कार्यकर्ताओं ने लिखा है कि मुसलमानों के लिए सड़कें नहीं हैं और उन्होंने बिल्कुल ठीक लिखा है। आपको यह जानकारी होनी चाहिए कि इस देश में कितने प्रतिशत मुसलमान हैं और वे कितना टैक्स दे रहे हैं। और आपको एक बात बता रहा हूं, भारत सरकार को भी यह चिंता करनी चाहिए। यह हमारे टैक्स का दिया हुआ पैसा है और सारा लाभ ये लोग प्राप्त कर रहे हैं। जितनी भी सरकारी सुविधाएं हैं, उनका लाभ ये जिहादी उठा रहे हैं। और आपको एक बात और बताना चाहता हूं। आप लोगों को सभी को एक चीज और सोचनी चाहिए। बहुत भाईचारे का पाठ ये सरकारें हमें पढ़ाती हैं, लेकिन आपको एक बात और बताता हूं। हमारे मंदिरों के जितने भी बड़े मंदिर हैं, उनमें से सारा पैसा सरकार को जाता है। अगर ज्यादा ही भाईचारे का पाठ किसी को अच्छा लगता है, तो वह यह देखे कि कितनी मस्जिदों और मदरसों का पैसा भारत सरकार को जाता है। हमारा पैसा जाकर और लाभ सारा का सारा इन जिहादियों को देना, यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरी ताकत के साथ विरोध किया जाएगा। मुसलमानों को जितनी भी सरकारी सुविधाएं हैं, उनसे वंचित करना चाहिए। सरकार को टैक्स हम देते हैं। सारी व्यवस्थाएं और सुविधाएं हम लोग वोट देकर देते हैं। हिंदुओं के वोट लेकर सरकार बनती है और सारा लाभ इन जिहादियों को पहुंचाया जा रहा है। यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ——————————
ये खबर भी पढ़ें…. दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई घंटे में होगा पूरा: रियल एस्टेट कारोबार में 40% तक होगा उछाल, ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में इजाफा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लंबे समय से इंतजार कर रहे लोगों के लिए 1 दिसंबर एक अहम तारीख साबित हुई है। 210 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का पहले ही ट्रायल रन शुरू हो चुका है और अभी फिलहाल दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से बागपत (खेकड़ा के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे जंक्शन) तक का 32 किलोमीटर हिस्सा वाहनों के लिए खोल दिया गया है। इस हिस्से में बिना टोल शुल्क के 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा संभव है। (पढ़ें पूरी खबर)


