देहली इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने फा़यरलैस कुकिंग की न केवल जानकारियां प्राप्त की बल्कि प्रायोगिक रूप से इस पद्धति से स्वादिष्ट व्यंजन भी तैयार कर उसका लुत्फ़ उठाया। वर्तमान युग में बच्चों के पेरेंट्स अपने काम में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में जब बच्चे घर में अकेले हो और उन्हें कुछ खाने के लिए तैयार करना हो, तब बच्चों को ऐसी कुकिंग की सख़्त आवश्यकता होती है। बच्चे जब भी घर पर अकेले रहे तो उन्हें यह पता होना चाहिए कि उनके लिए सुरक्षित और पौष्टिक आहार इस प्रकार मिल सकता है। यही उद्देश्य लेकर देहली इंटरनेशनल स्कूल में बच्चों के लिए फ़ायरलैस कुकिंग का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों ने पानी-पताशे, अंकुरित अनाज से पौष्टिक भेल, विटामिन युक्त सलाद, फ्रूट चाट, दही की लस्सी आदि कई पौष्टिक व्यंजन बनाकर स्टॉल लगाए। प्रतियोगिता में सहभागिता का बहुत ही खूबसूरत नज़ारा स्कूल में दिखाई दिया। स्कूल के मार्गदर्शक इनायत हुसैन कुरैशी ने बच्चों के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चों को आंच से दूर रहने का संस्कार बचपन से दिया जाता है किंतु हम मनुष्य हैं और भोजन को आंच पर ही पका कर खाने का हम सबको अभ्यास रहता है। आंच के दो रूप होते हैं यह बच्चों को बताना आवश्यक है, एक रूप घातक हो सकता है किंतु भोजन बनाने वाला रूप सार्थक होता है। इस प्रतियोगिता में बच्चों को ऐसी भोजन-सामग्री बनाना सिखाया है, जिसमें आंच का प्रयोग बिल्कुल ही नहीं किया जाता। स्कूल की प्राचार्य श्रुति चिंचवडकर ने बच्चों द्वारा बनाए गए व्यंजनों की सराहना कर उन्हें प्रोत्साहित किया। प्रतियोगिता का संचालन को-ऑर्डिनेटर पूजा पंचभाई द्वारा किया गया।


