पत्नी से अवैध संबंध के शक में शराब पार्टी के दौरान गले में चाकू घोंपकर दोस्त की हत्या कर दी। शव को झाड़ियों में फेंकने के बाद आरोपी और उसका साथी घर जाकर सो गए। सुबह नशा उतरने पर उन्हें फंसने का डर लगा। इसके बाद वे दोबारा शव के पास पहुंचे। पहचान न हो सके, इसके लिए चाकू से चेहरे की चमड़ी उधेड़ दी। सिर से लेकर पैर तक बॉडी को फाड़ दिया। फिर शव को नाले में फेंक दिया। पूरी वारदात का वीडियो बनाकर पत्नी को दिखाया, ताकि वह डरकर चुप रहे। पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतक के परिजनों को झूठी कहानी सुनाई कि वह किसी महिला के साथ भाग गया है। लेकिन हाथ पर टैटू से पहचान होने पर मर्डर का राज खुल गया। मामला बांसवाड़ा के सदर थाना क्षेत्र का है। पहले पढ़ें क्या था पूरा मामला SHO रूप सिंह ने बताया- गारिया नाले में 6 फरवरी को क्षत-विक्षत लाश मिली थी। विशाल बंजारा (27) निवासी बंजारा बस्ती की पत्नी ने हाथ पर टैटू से उसकी पहचान की। मामले में मुख्य आरोपी दिनेश खराड़ी (35) निवासी गारिया (सदर थाना क्षेत्र) और उसके साथी सुशील मईड़ा (28) निवासी भवनपुरा खांदू कॉलोनी (बांसवाड़ा) को 8 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी दिनेश खराड़ी के खिलाफ पहले से करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें अधिकतर लूट के हैं। दिसंबर 2022 में उसे लूट के एक मामले में सजा हुई थी। वह दो साल उदयपुर जेल में रहा। अब सिलसिलेवार पढ़िए हत्या की पूरी कहानी… प्रेमिका को जेल में मिलाने के लिए लेकर जाता था SHO रूप सिंह ने बताया- विशाल बंजारा मजदूरी के साथ किराए का ऑटो चलाता था। दिनेश खराड़ी के जेल में रहने के दौरान विशाल उसकी (दिनेश) प्रेमिका को उससे मिलाने के लिए लेकर जाता था। जमानत के लिए मदद करता था। इसी दौरान विशाल और दिनेश की प्रेमिका के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। दिसंबर 2024 में जेल से छूटने के बाद दिनेश ने प्रेमिका से शादी कर ली थी। हालांकि दिनेश को अपनी पत्नी और विशाल के संबंधों का शक होने लगा। यही शक आगे चलकर हत्या की वजह बना। 30 जनवरी को रची साजिश SHO ने बताया- विशाल की मां केसर बंजारा (60) की ज्वेलरी ठीकरिया नाका स्थित एक सेठ के पास गिरवी रखी थी। विशाल पत्नी के साथ किराए के मकान में अलग रह रहा था। 30 जनवरी 2026 को विशाल दोस्त दिनेश के साथ बाइक लेकर मां के घर गया। मां को बाइक पर बैठाकर सेठ की दुकान पर ले गए, लेकिन तब सेठ ने हिसाब करने से मना कर दिया। इसके बाद विशाल मां को घर छोड़कर दिनेश के साथ निकल गया। इसके बाद दिनेश ने अपने दोस्त सुशील मईड़ा को बुला लिया। तीनों ठीकरिया (राज तालाब थाना क्षेत्र) के पास शराब पीने बैठ गए। इस दौरान विशाल के मोबाइल पर बार-बार कॉल आ रहे थे। विशाल बात करने के लिए उठकर थोड़ी दूर चला गया, लेकिन दिनेश को स्क्रीन पर फोटो दिखाई दी। दिनेश को शक हुआ कि फोटो उसकी पत्नी की है। इसी शक में दिनेश ने सुशील के साथ मिलकर वहीं हत्या की प्लानिंग कर ली। पहले चाकू से गोदकर हत्या, अगले दिन चमड़ी उधेड़ी दोनों (दिनेश और सुशील) विशाल को टामटिया-गारिया नाले के पास झाड़ियों में ले गए। अवैध संबंध की बात पर आपसी कहासुनी के बाद विवाद हो गया। इसके बाद दोनों ने मिलकर गले में चाकू घोंपकर विशाल की हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों दोस्त नशे में घर जाकर सो गए। SHO रूप सिंह ने बताया- अगले दिन 31 जनवरी की सुबह जब नशा उतरा तो आरोपियों को डर लगा कि कहीं विशाल जिंदा न हो। अगर मर गया तो उसकी पहचान नहीं हो जाए। शक की सुई घूमकर उनके ऊपर ही आएगी। ये सोचते हुए दोनों फिर घटनास्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने पहचान मिटाने के लिए विशाल के चेहरे की चमड़ी चाकू से उधेड़ दी। इसके बाद 10 से ज्यादा वार कर चेहरे को गोद दिया। सीने से लेकर पैर तक बॉडी को फाड़ दिया और कई जगह वार भी किए। इसके बाद क्षत-विक्षत शव को टामटिया-गारिया नाले में फेंक दिया। डराने के लिए वीडियो बनाकर पत्नी को दिखाया दोनों दोस्तों ने पूरी वारदात का वीडियो भी बनाया। दिनेश ने घर जाकर यह वीडियो पत्नी को दिखाया ताकि वह डर जाए और किसी को कुछ न बताए। पुलिस को गुमराह करने के लिए रची झूठी कहानी हत्या के बाद विशाल के मोबाइल को स्विच ऑफ कर दिनेश अपने साथ ले गया था। आरोपियों ने पुलिस और परिजनों को गुमराह करने की साजिश रची। दिनेश ने विशाल का मोबाइल ऑन कर परिजनों को सूचना दिलवाई कि मोबाइल चालू हो गया है। इसके बाद अपनी पत्नी से किसी अनजान महिला बनकर विशाल के घर फोन करवाया गया और कहा गया कि विशाल मेरे साथ अहमदाबाद में है। दुकान पर काम कर रहा है। इतनी बात कहने के बाद फोन काट दिया। मकसद यह था कि सभी को लगे कि विशाल किसी महिला के साथ भाग गया है। टैटू से हुई पहचान 6 फरवरी को गारिया नाले में क्षत-विक्षत शव मिला। गुमशुदगी की रिपोर्ट के आधार पर विशाल की पत्नी को शिनाख्त के लिए बुलाया गया। हाथ पर बने टैटू से उसने विशाल की पहचान की पुष्टि की। इसके बाद पुलिस और परिजनों का शक गहरा गया। 7 फरवरी को विशाल की मां ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, जिसमें दिनेश पर शक जाहिर किया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर दिनेश व सुशील को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ में दोनों ने हत्या कबूल कर ली।


