दो बार असफलता: तीसरे प्रयास में सौरभ तरार बने सिविल जज

भास्कर न्यूज | धमतरी शहर के विवेकानंद वार्ड निवासी 37 वर्षीय सौरभ तरार को पढ़ने की इच्छा थी। इसी शौक ने उसे अब सिविल जज बना दिया है। उन्हें यह सफलता 2 बार असफलता के बाद मिली है। परिणाम 20 फरवरी को जारी हुआ। पीएससी के कनिष्ठ न्यायाधीश सिविल जज के रूप में चयन सूची में 33वां रैंक मिला है। उन्होंने सिविल जज की तैयारी 2021-22 से शुरू की थी। 3 बार परीक्षा दिलाई, जिसमें दो बार असफलता हाथ लगी। कमी को दूर कर आगे बढ़े और तीसरी बार में उन्होंने परीक्षा पास कर ली है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के कनिष्ठ न्यायाधीश सिविल जज के रूप में चयन सूची में 33वां रैंक लाया है। सौरभ ने बताया कि उनका पुश्तैनी हारमोनियम व म्यूजिक का व्यवसाय है। इस कारण 2009 में खैरागढ़ से म्यूजिक में डिग्री हासिल किया। इसके बाद पुश्तैनी व्यवसाय में लग गया। 7 साल तक पढ़ाई नहीं किया। पढ़ने की इच्छा थी, इस कारण एलएलबी किया। हालांकि परिवार वालों ने अब क्या पढ़ोगे कहा। 2019 में मैरिट सूची में तीसरा रैंक आया। एलएलबी उत्तीर्ण की। परिवार ने भी सपोर्ट किया। फिर वकालत की प्रैक्टिस कर रही रहे थे कि कोरोना काल शुरू हो गया। फिर पढ़ाई छूट गई थी। 2021 में फिर से पढ़ना शुरू किया। सिविल जज का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ा। दो बार असफल हुआ। प्री-मेंस निकल गया, पर इंटरव्यू में कम अंक आने के कारण असफलता हाथ लगी।

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