दो मंत्रियों के बयान चर्चा में…:शिक्षा मंत्री ने खोली खुद के विभाग की पोल; दूसरी ओर, खाद्य मंत्री ने दि​ग्विजय के आरोपों पर किया पलटवार

उदय प्रताप ने कहा- प्रदेश में 500 शिक्षक स्कूल नहीं जाते, वे पढ़ाने के लिए असिस्टेंट रख लेते हैं… प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने खुद ही अपने विभाग की खामियों की पोल खोल दी। उन्होंने रायसेन में शिक्षा महाकुंभ के दौरान कहा कि प्रदेश में 500 शिक्षक स्कूल नहीं जाते और दूसरों को पढ़ाने के लिए किराए पर रखते हैं। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से ऐसे शिक्षकों को जानने की बात कही। उन्होंने कहा कि मेरे जिले में ही 100 शिक्षक ऐसा कर रहे हैं। सिंह का यह बयान काफी वायरल हो रहा है। पटवारी का पलटवार- सोशल मीडिया पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने लिखा- शिक्षा मंत्री ने खुद कबूल किया कि 500 शिक्षक स्कूल नहीं जाते और किराए पर लोग लगा रखे हैं। उन्होंने सीएम को टैग किया- कितनी शर्म की बात है कि आपके मंत्री को पता है कि स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, पर कार्रवाई करने की बजाय मंच से इसका महिमामंडन कर रहे हैं। मंत्री से भास्कर सवाल मंत्री आप, ऐसे शिक्षकों की जानकारी आपको, विधानसभा क्षेत्र आपका, फिर कार्रवाई के लिए किसका इंतजार?
मंत्री ​ह का जवाब- मेरा संवाद उन शिक्षकों के साथ था जो समाज में आदर्श प्रस्तुत कर रहे हैं। मैंने चिंता जताई थी कि शिक्षक स्कूल नहीं जाते, कक्षाओं में नशा करके पहुंच जाते हैं। हर चीज का इलाज कार्रवाई कर देना नहीं है। अगर कोई कचरा फेंक दे तो क्या उसे जेल में भेज देंगे ? नहीं न… उससे आह्वान किया जाता है। जैसा स्वच्छ अभियान के लिए किया गया। दो शिक्षकों पर कार्रवाई करेंगे तो तीन फिर पैदा हो जाएंगे। सिंधिया ने दिलाया था परिवहन, आरोप पर राजपूत बोले-दििग्वजय का परिवहन प्रेम तो जगजाहिर है पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि कमलनाथ सरकार में ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरफ से गोविंद सिंह राजपूत को परिवहन और राजस्व विभाग देने का दबाव था। बाद में ​िशवराज सरकार में भी यही हुआ। इसके जवाब में गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने प्रतिक्रिया दी। राजपूत ने कहा- दिग्विजय को कोई गंभीरता से नहीं लेता। राजपूत ने कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। उन्होने कहा- जिनके घर शीशे के होते हैं वे दूसरों के मकान पर पत्थर नहीं फेंका करते… बात निकली है तो दूर तलक जाएगी। जब उनसे पूछा कि इस डायलॉग के क्या मायने हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस काल में दिग्विजय सिंह का परिवहन विभाग से कितना लगाव है, यह सब जानते हैं। मंत्री से भास्कर सवाल कोई गड़बड़ी कर रहा है तो क्या आपको भी छूट मिल जाती है, खुद पर लगे आरोपों पर क्या कहेंगे ? मंत्री ​का जवाब-राजनीति में आरोप लगते रहते हैं, आरोपों पर मुझे कुछ नहीं कहना है। जांच होने दीजिए, सच्चाई सामने आ जाएगी। दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा था: शिवराज सरकार बनने पर भी सिंधिया ने दबाव डालकर फिर से परिवहन विभाग राजपूत को सौंप दिया था। इसी के बाद से सौरभ शर्मा टोल नाकों पर वसूली करता था।

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